BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान जारी नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को दोहराया गया है। घोषणापत्र में स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य, चाहे उसका कारण कुछ भी हो, पूरी तरह से आपराधिक और अक्षम्य है।
- BRICS नेताओं ने आतंकवाद को पूरी तरह से आपराधिक और अन्यायपूर्ण घोषित किया है।
- नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के किसी भी औचित्य को खारिज कर दिया गया है।
- आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली: ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी 'नई दिल्ली घोषणापत्र' ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक रुख अपनाया है। इस ऐतिहासिक दस्तावेज में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आतंकवाद के सभी कृत्य आपराधिक हैं और उन्हें किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
घोषणापत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि आतंकवाद के पीछे की प्रेरणा चाहे जो भी हो, और इसे अंजाम देने वाला कोई भी समूह या देश हो, ऐसे कृत्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान उन वैश्विक प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो आतंकवाद के वित्तपोषण और समर्थन को रोकने के लिए किए जा रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि BRICS जैसे शक्तिशाली आर्थिक और राजनीतिक ब्लॉक का आतंकवाद पर यह कड़ा रुख वैश्विक सुरक्षा ढांचे को मजबूत कर सकता है। यह घोषणापत्र उन देशों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो छद्म युद्ध (proxy war) या आतंकवाद को एक रणनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।
आतंकवाद के विरुद्ध यह सर्वसम्मत रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
हाल ही में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, ने इस विषय की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। इस घटना ने दुनिया को दिखाया है कि आतंकवाद कैसे निर्दोष समुदायों को निशाना बनाता है, जिससे अब वैश्विक नेताओं पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दशकों से, आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। ब्रिक्स देशों का यह साझा संकल्प न केवल सुरक्षा सहयोग को बढ़ाएगा, बल्कि आतंकवाद विरोधी कानूनों के कार्यान्वयन में एकरूपता लाने में भी मदद करेगा।
Frequently Asked Questions
1. नई दिल्ली घोषणापत्र का मुख्य संदेश क्या है?
इसका मुख्य संदेश आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' और इसके किसी भी रूप को आपराधिक मानना है।
2. क्या यह घोषणापत्र आतंकवाद के वित्तपोषण को भी लक्षित करता है?
हाँ, आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख अपनाने का अर्थ है इसके समर्थन और वित्तपोषण को रोकने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाना।