ब्रिक्स देशों ने यूरोपीय संघ द्वारा प्रस्तावित कार्बन सीमा कर जैसे एकतरफा व्यापार उपायों की कड़ी निंदा की है। समूह ने वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता और जलवायु वित्त के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई है।

  • ब्रिक्स ने यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर टैक्स (CBAM) को एकतरफा कदम बताया।
  • समूह ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
  • जलवायु वित्त और आपदा लचीलेपन पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया गया।

ब्रिक्स (BRICS) राष्ट्रों ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) द्वारा लागू किए जाने वाले कार्बन सीमा कर (Carbon Border Adjustment Mechanism - CBAM) जैसे एकतरफा व्यापार उपायों के खिलाफ अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। इस कदम को विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बाधा के रूप में देखा जा रहा है, जो वैश्विक व्यापार के नियमों का उल्लंघन करता है।

समूह के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए लगाए जाने वाले उपाय भेदभावपूर्ण नहीं होने चाहिए। ब्रिक्स के नेताओं का तर्क है कि यूरोपीय संघ के इस तरह के निर्णय विकासशील देशों की औद्योगिक प्रगति को बाधित कर सकते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में असंतुलन पैदा कर सकते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि ब्रिक्स का यह रुख वैश्विक व्यापार राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यदि ब्रिक्स देश एकजुट रहते हैं, तो वे पश्चिमी देशों द्वारा थोपे गए 'हरित संरक्षणवाद' (Green Protectionism) को चुनौती देने में सक्षम होंगे। यह मुद्दा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक दक्षिण (Global South) की आर्थिक संप्रभुता से भी जुड़ा है।

एकतरफा व्यापारिक प्रतिबंध वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के बजाय आर्थिक विभाजन को गहरा कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स घोषणा में जलवायु वित्त, अनुकूलन और आपदा लचीलेपन को प्रमुखता दी गई है। समूह ने पेरिस समझौते के उद्देश्यों के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त की है, लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि विकसित देशों को अपने वित्तीय वादे पूरे करने चाहिए ताकि विकासशील राष्ट्र भी हरित संक्रमण (Green Transition) में भाग ले सकें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ब्रिक्स का गठन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया था। हाल के वर्षों में, इसका विस्तार हुआ है, जिससे इसकी भू-राजनीतिक और आर्थिक शक्ति में भारी वृद्धि हुई है। वर्तमान में, ब्रिक्स न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

Did You Know?: ब्रिक्स (BRICS) का विस्तार हाल ही में हुआ है, जिससे अब इसमें मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई प्रभावशाली देश शामिल हो गए हैं।

Frequently Asked Questions

1. ब्रिक्स का यूरोपीय संघ के कार्बन टैक्स से क्या विवाद है?
ब्रिक्स का मानना है कि यह कर एकतरफा है और विकासशील देशों के निर्यात पर अनुचित बोझ डालता है।

2. क्या ब्रिक्स पेरिस समझौते का समर्थन करता है?
हाँ, ब्रिक्स ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।