नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के दिग्गज नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बनी हुई है।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में निर्णायक बैठक।
  • इथियोपिया, मलेशिया, वियतनाम और यूएई के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय चर्चाएं।
  • 'Inclusive Global Governance' विषय पर बंद कमरे में शिखर सम्मेलन की मुख्य बैठक।
  • भारत मंडपम में 'Bharat Innovates Exhibition' और संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन।

भारत की राजधानी नई दिल्ली आज वैश्विक कूटनीति का केंद्र बन गई है। 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शेड्यूल बेहद व्यस्त है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बहुपक्षवाद को मजबूत करना और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है। सम्मेलन के पहले दिन भारत की मेजबानी में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक चर्चाएं होने जा रही हैं।

दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठकों से हुई। सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और उसके बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ चर्चा निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और वियतनाम के नेता ले मिन्ह हंग के साथ भी पीएम मोदी मुलाकात करेंगे, जो भारत के 'एक्ट ईस्ट' और पश्चिम एशिया की रणनीतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस समिट का सबसे संवेदनशील हिस्सा भारत और चीन के संबंधों का पुनर्मूल्यांकन है। लंबे समय के तनाव के बाद, पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात यह संकेत दे सकती है कि क्या दोनों एशियाई महाशक्तियां सीमा विवादों को पीछे छोड़कर आर्थिक सहयोग की ओर बढ़ेंगी। यह बैठक न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करेगी।

"ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत को ग्लोबल साउथ के स्वाभाविक नेता के रूप में स्थापित करने और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की मांग करने का एक स्वर्णिम अवसर है।"

शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र की बात करें तो दोपहर 2 बजे सदस्य देशों के नेताओं का आगमन होगा, जिसके बाद “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” विषय पर एक बंद सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके बाद नेता 'Bharat Innovates Exhibition' का अवलोकन करेंगे, जहाँ भारत की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। शाम को एक औपचारिक फैमिली फोटो और संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ पर्यावरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी।

हालांकि, इस भव्य आयोजन के बीच मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन प्रशासन ने सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं।

समय कार्यक्रम/मुलाकात स्थान
10:00 AM पीएम अबिय अहमद अली (इथियोपिया) हैदराबाद हाउस
02:35 PM बंद सत्र: ग्लोबल गवर्नेंस भारत मंडपम
05:45 PM राष्ट्रपति शी जिनपिंग (चीन) भारत मंडपम
07:30 PM गाला डिनर भारत मंडपम (लेवल 3)
क्या आप जानते हैं?: ब्रिक्स (BRICS) मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह था, लेकिन अब इसका विस्तार कई नए सदस्य देशों तक हो चुका है, जिससे यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन गया है।

Frequently Asked Questions

1. पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात का समय क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में निर्धारित है।

2. ब्रिक्स समिट का मुख्य विषय क्या है?
इस बार के शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” है।