ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये देश क्षेत्र के असली हमलावर और आतंकवादी हैं।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका और इज़राइल को 'असली आतंकवादी' करार दिया।
  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत में दिए विशेष साक्षात्कार में यह बयान दिया गया।
  • पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान संघर्ष के बावजूद और अधिक एकजुट हुआ है।
  • चाबहार बंदरगाह और भारत-ईरान संबंधों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

नई दिल्ली: ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इंडिया टुडे ग्लोबल को दिए एक विशेष साक्षात्कार में, पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल की नीतियों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें दुनिया का 'असली आतंकवादी' बताया।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पिछले छह महीनों से अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे संघर्षों और आर्थिक प्रतिबंधों के दबाव से जूझ रहा है। पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट रूप से कहा, "हम जीवित हैं, और हम जवाब देंगे," जो ईरान की भविष्य की रणनीति और प्रतिरोध की भावना को दर्शाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ईरान का यह कड़ा रुख मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है। ईरान अब पश्चिमी प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए ब्रिक्स जैसे मंचों का उपयोग कर रहा है, ताकि एक बहुध्रुवीय विश्व (Multipolar World) का निर्माण किया जा सके।

"ईरान का यह बयान केवल कूटनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह पश्चिम द्वारा संचालित वैश्विक व्यवस्था के खिलाफ एक सीधा विद्रोह है।"

साक्षात्कार के दौरान, पेज़ेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित हैं और वे इस संबंध को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने चाबहार बंदरगाह के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ईरान क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण क्रॉसरोड है और वह 'सिल्क रोड' की भावना को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान और पश्चिम के बीच तनाव दशकों पुराना है, जो विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर है। हाल के महीनों में, इज़राइल और ईरान के बीच सीधे सैन्य संघर्षों ने इस तनाव को युद्ध की कगार पर पहुंचा दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) जैसी महत्वपूर्ण समुद्री राहों पर खतरा मंडरा रहा है।

Did You Know?: ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित है।

Frequently Asked Questions

1. पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ये दोनों देश क्षेत्र के असली हमलावर और आतंकवादी हैं जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हैं।

2. भारत और ईरान के संबंधों का मुख्य केंद्र क्या है?
चाबहार बंदरगाह और द्विपक्षीय व्यापार दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों का मुख्य आधार है।