फिलीपींस के कोरोन में एक भीषण फेरी अग्निकांड के बाद फोरेंसिक टीमों ने पीड़ितों की पहचान शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में जहाज के भीतर दो धमाकों की बात सामने आई है, जिससे मौत का आंकड़ा 35 तक पहुंच गया है।
- फेरी अग्निकांड में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- 50 से अधिक यात्री अब भी लापता हैं, जबकि 43 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
- समुद्री उद्योग प्राधिकरण (MARINA) के अनुसार, आग लगने से ठीक पहले दो विस्फोट हुए थे।
- मृतकों की पहचान के लिए कोरोन पोर्ट पर अस्थायी फोरेंसिक टेंट लगाए गए हैं।
फिलीपींस के पश्चिमी प्रांत पलावन के कोरोन शहर में शनिवार को एक हृदयविदारक दृश्य देखा गया, जब बचाव दल ने जलते हुए जहाज MV June Aster से शवों को बाहर निकालना शुरू किया। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें अब उन जले हुए अवशेषों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्हें तट पर बनाए गए अस्थायी टेंटों में लाया गया है। इस हादसे ने एक बार फिर फिलीपींस के समुद्री सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और जीवित बचे लोगों के बयानों के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब जहाज अपनी 20 घंटे से अधिक की लंबी यात्रा के अंतिम चरण में था। जहाज पर 130 से अधिक यात्री सवार थे। एक उत्तरजीवी ने बताया कि पहले थोड़ा धुआं दिखा, जो देखते ही देखते भीषण आग में बदल गया और कुछ ही सेकंडों में पूरे जहाज को अपनी चपेट में ले लिया।
BozokMedia analysis shows कि फिलीपींस जैसे द्वीपसमूह राष्ट्र में, जहां 7,600 से अधिक द्वीप हैं, समुद्री परिवहन जीवन रेखा है। हालांकि, पुराने जहाजों का उपयोग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी बार-बार होने वाले इन हादसों का मुख्य कारण बन रही है। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे की विफलता का संकेत है।
"समुद्री परिवहन में सुरक्षा मानकों की मामूली चूक भी बड़े पैमाने पर जनहानि का कारण बनती है, विशेषकर उन जहाजों में जहां भीड़ अधिक हो।"
कोस्ट गार्ड द्वारा जारी तस्वीरों में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्टील के बेड फ्रेम मुड़ गए हैं और चारों तरफ राख की परत जमी है। सबसे दुखद बात यह है कि अधिकांश शव जहाज के 'इकोनॉमी' सेक्शन में मिले हैं, जहां यात्रियों की संख्या सबसे अधिक थी।
इस बीच, जहाज के कप्तान की स्थिति को लेकर रहस्य बना हुआ है। कोस्ट गार्ड प्रवक्ता कमोडोर नोमी कायाब्यब ने संकेत दिया कि कप्तान जीवित हो सकता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर 43 जीवित बचे लोगों की सूची में उसका नाम शामिल नहीं है।
प्रश्न 1: आग लगने का प्राथमिक कारण क्या बताया जा रहा है?
उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्टों और उत्तरजीवियों के अनुसार, आग लगने से ठीक पहले जहाज के अंदर दो विस्फोट सुने गए थे।
उत्तर: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 43 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं।