नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्र, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया सहित 15 देशों के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र व्यापार, रक्षा और ग्लोबल साउथ के हितों को बढ़ावा देना रहा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान 15 विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
  • भारत-मिस्र संबंधों में क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
  • दक्षिण अफ्रीका के साथ रणनीतिक साझेदारी, विशेष रूप से खनन और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा हुई।
  • अफ्रीकी संघ के साथ सहयोग को मजबूत करने और 4वें भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन की तैयारी पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के समापन के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कूटनीति के एक नए अध्याय की शुरुआत की। पिछले तीन दिनों में, प्रधानमंत्री ने कुल 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिसका उद्देश्य भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। इन बैठकों में मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और कजाकिस्तान जैसे प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ हुई बैठक में, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में उभरती भू-राजनीतिक गतिशीलता पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस बातचीत को 'शानदार' बताते हुए कहा कि भारत और मिस्र की दोस्ती हाल के वर्षों में काफी मजबूत हुई है। व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा भी चर्चा का मुख्य विषय रही।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की यह सक्रिय कूटनीति 'ग्लोबल साउथ' के नेता के रूप में उसकी स्थिति को और मजबूत करती है। विभिन्न महाद्वीपों के नेताओं के साथ एक साथ बैठना यह दर्शाता है कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था को संतुलित करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ, प्रधानमंत्री ने रणनीतिक साझेदारी के व्यापक दायरे की समीक्षा की। इसमें खनन, महत्वपूर्ण खनिज, बुनियादी ढांचा, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। दोनों नेताओं ने एक अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत की यह बहुपक्षीय कूटनीति दर्शाती है कि हम केवल व्यापार नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और समावेशी वैश्विक भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

अफ्रीकी महाद्वीप के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए, पीएम मोदी ने बुरुंडी के राष्ट्रपति इवारिस्टे नदायिशिमिए से मुलाकात की। इस दौरान 4वें भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन (IAFS-IV) के शीघ्र आयोजन पर चर्चा हुई। भारत ने अफ्रीकी संघ को G20 का हिस्सा बनाने में अपनी भूमिका को याद करते हुए सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।

इसके अतिरिक्त, नाइजीरिया के उप-राष्ट्रपति काशिम शेटीमा के साथ बैठक में रक्षा, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ पश्चिम एशिया के संघर्षों और द्विपक्षीय संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा की।

Did You Know?: भारत ने 2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Frequently Asked Questions

1. BRICS शिखर सम्मेलन 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना और ग्लोबल साउथ की आवाज को उठाना था।

2. पीएम मोदी ने किन प्रमुख देशों के साथ बैठक की?
उन्होंने मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान और नाइजीरिया सहित कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।