ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन, सदस्य देश समावेशी विकास और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी बढ़ती भूमिका पर चर्चा कर रहे हैं। यह समूह अब वैश्विक जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है।
- ब्रिक्स अब दुनिया की 40% जीडीपी और 25% व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।
- समूह का विस्तार अब 11 देशों तक हो चुका है, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई शामिल हैं।
- यह समूह पश्चिमी प्रभुत्व वाले संस्थानों के विकल्प के रूप में उभर रहा है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन, दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता समावेशी विकास के नए अवसरों को तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो वैश्विक दक्षिण (Global South) के हितों की रक्षा कर सके।
ब्रिक्स (BRICS) की यात्रा 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ शुरू हुई थी, जिसमें 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह एक शक्तिशाली ब्लॉक बना। हाल के वर्षों में, इस समूह ने अभूतपूर्व विस्तार देखा है। 2024 में, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद, अब यह 11 शक्तिशाली देशों का एक समूह बन गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
शुरुआत में, ब्रिक्स केवल चार उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक विचार मात्र था। हालांकि, समय के साथ यह एक भू-राजनीतिक शक्ति के रूप में विकसित हुआ है। आज, यह समूह दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे वैश्विक निर्णयों में एक निर्णायक भूमिका प्रदान करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ब्रिक्स का विस्तार केवल संख्यात्मक नहीं है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय शक्ति के पुनर्वितरण का संकेत है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, ब्रिक्स अब वैश्विक जीडीपी का 40% और वैश्विक व्यापार का 25% हिस्सा संभाल रहा है। यह विकास विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसे पारंपरिक पश्चिमी-प्रधान संस्थानों के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर सकता है।
ब्रिक्स का विस्तार वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बहुध्रुवीयता (Multipolarity) की ओर एक निर्णायक कदम है।
समूह का मुख्य उद्देश्य गैर-पश्चिमी देशों को एक मंच प्रदान करना है ताकि वे अपनी आर्थिक नीतियों और व्यापारिक हितों को बिना किसी बाहरी दबाव के सुरक्षित रख सकें। यह 'ग्लोबल नॉर्थ' के वर्चस्व को संतुलित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
| विशेषता | पारंपरिक संस्थान (IMF/WB) | ब्रिक्स (BRICS) |
|---|---|---|
| मुख्य प्रभाव | ग्लोबल नॉर्थ / पश्चिमी देश | ग्लोबल साउथ / उभरती अर्थव्यवस्थाएं |
| जीडीपी हिस्सेदारी | ऐतिहासिक रूप से उच्च | तेजी से बढ़ती (40%) |
Frequently Asked Questions
1. ब्रिक्स में कितने सदस्य देश हैं?
वर्तमान में ब्रिक्स में 11 सदस्य देश शामिल हैं।
2. ब्रिक्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना और वैश्विक संस्थानों में संतुलन बनाना है।