CIA द्वारा हाल ही में जारी किए गए वर्गीकृत दस्तावेजों से पता चला है कि 11 सितंबर के हमलों से वर्षों पहले, ओसामा बिन लादेन भारत सहित कई देशों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। 1998 की एक खुफिया रिपोर्ट में भारत को संभावित आतंकी लक्ष्यों की सूची में रखा गया था।
- 1998 की CIA रिपोर्ट के अनुसार भारत लादेन के संभावित लक्ष्यों में से एक था।
- अल-कायदा का नेटवर्क 60 से अधिक देशों में फैला हुआ था।
- दस्तावेजों में अमेरिका और ब्रिटेन को भी प्रमुख निशाने पर बताया गया था।
- रिपोर्ट में किसी विशिष्ट भारतीय लक्ष्य या हमले की तारीख का उल्लेख नहीं है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA द्वारा हाल ही में जारी किए गए ऐतिहासिक दस्तावेजों ने दुनिया को चौंका दिया है। 11 सितंबर 2001 के भीषण आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर, CIA ने राष्ट्रपति ब्रीफिंग सामग्री के एक बड़े हिस्से को सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेजों से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि अल-कायदा का संस्थापक ओसामा बिन लादेन, 9/11 की साजिश रचने से कई साल पहले ही भारत को अपने संभावित आतंकी हमलों की सूची में शामिल कर चुका था।
28 अगस्त 1998 को तैयार की गई एक 'प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ' जिसका शीर्षक 'Bin Laden terrorist network still a threat' था, में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि लादेन का इरादा मिस्र, अरब प्रायद्वीप (कुवैत, सऊदी अरब, यमन), भारत, पाकिस्तान, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया में हमले करने का था। हालांकि, इस रिपोर्ट में भारत के भीतर किसी विशेष शहर, इमारत या हमले की सटीक तारीख का कोई विवरण नहीं दिया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह खुलासा न केवल आतंकवाद के वैश्विक प्रसार को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि 1990 के दशक के अंत में ही दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति कितनी नाजुक थी। भारत जैसे बढ़ते वैश्विक शक्ति केंद्र को निशाना बनाने की लादेन की मंशा उसके व्यापक और खतरनाक नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
यह खुलासा दर्शाता है कि अल-कायदा का नेटवर्क 1990 के दशक में ही कितना व्यापक और संगठित हो चुका था, जिसने वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी थी।
दस्तावेजों के अनुसार, लादेन केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं था। वह अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी नए विकल्पों की तलाश कर रहा था। CIA के आकलन ने चेतावनी दी थी कि लादेन के पास कम से कम 60 देशों में सहयोगियों और सहायक समूहों का एक विशाल नेटवर्क है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अफगानिस्तान में स्थित आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण गतिविधियां फिर से शुरू हो गई थीं और उनका संचार नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय था।
ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो, यह रिपोर्ट अगस्त 1998 के उन अमेरिकी मिसाइल हमलों के ठीक बाद आई थी जो केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावासों पर हुए बम धमाकों के जवाब में किए गए थे। लादेन ने उन हमलों के बाद अपनी गतिविधियों को और तेज कर दिया था। अंततः, 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों में लगभग 3,000 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद वैश्विक राजनीति और सुरक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।
Frequently Asked Questions
1. क्या CIA रिपोर्ट में भारत में किसी विशेष हमले का जिक्र है?
नहीं, रिपोर्ट में भारत को एक संभावित लक्ष्य के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन किसी विशिष्ट स्थान या तारीख का उल्लेख नहीं था।
2. लादेन का नेटवर्क कितने देशों में फैला था?
CIA के अनुसार, लादेन का नेटवर्क 60 से अधिक देशों में फैला हुआ था।