प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा की। दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
- भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीकी सहयोग को गहरा करने पर सहमति बनी।
- ब्रह्मोस मिसाइल सौदा दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक भरोसे का प्रतीक है।
- दोनों राष्ट्र दक्षिण चीन सागर में नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था का समर्थन करते हैं।
- व्यापारिक संबंधों में $3 बिलियन से अधिक का आंकड़ा पार हो चुका है।
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और आसियान (ASEAN) देशों के साथ उसके बढ़ते सामरिक संबंधों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष, रेलवे बुनियादी ढांचे, फिनटेक, शिक्षा और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने फिलीपींस द्वारा भारत के नेतृत्व वाले 'कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर' (CDRI) में शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत और फिलीपींस के बीच यह बढ़ता तालमेल केवल द्विपक्षीय नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। चीन की आक्रामक क्षेत्रीय विस्तारवादी नीतियों के बीच, भारत और फिलीपींस दोनों ही अंतरराष्ट्रीय कानून और UNCLOS (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन) के आधार पर एक नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था का समर्थन करते हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल का सौदा केवल एक सैन्य लेनदेन नहीं है, बल्कि यह दक्षिण पूर्व एशिया में भारत की बढ़ती सामरिक भूमिका का प्रमाण है।
रक्षा क्षेत्र में, 2022 में हुए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे ने दोनों देशों के बीच विश्वास की एक नई नींव रखी है। इसके अलावा, दोनों देशों की सेनाएं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए नियमित स्टाफ वार्ता करती हैं। आर्थिक मोर्चे पर, भारतीय फार्मास्युटिकल निर्यात, आईटी सेवाओं और कृषि सहयोग के कारण द्विपक्षीय व्यापार 3 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।
ऐतिहासिक रूप से, भारत ने हमेशा आसियान क्षेत्र के साथ अपने संबंधों को प्राथमिकता दी है। फिलीपींस की वर्तमान आसियान अध्यक्षता और भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दोनों देशों ने 2025-29 के रोडमैप को अपनाने की दिशा में भी काम किया है, जो सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित है।
Frequently Asked Questions
1. भारत और फिलीपींस के बीच मुख्य रक्षा समझौता क्या है?
सबसे महत्वपूर्ण समझौता ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की आपूर्ति से संबंधित है।
2. दोनों देशों के बीच व्यापार का मुख्य आधार क्या है?
भारतीय फार्मास्युटिकल उत्पाद, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पाद प्रमुख व्यापारिक घटक हैं।