यमन में हुथी लड़ाकों ने लाल सागर के पूरे तट और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के बीच स्थित मयून द्वीप पर नियंत्रण कर लिया है। इस संघर्ष के कारण सऊदी अरब को अपना प्रमुख तेल पाइपलाइन बंद करना पड़ा है और वैश्विक तेल कीमतें $100 के पार पहुंच गई हैं।

  • हुथी लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट के सभी सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है।
  • stratégic मयून द्वीप (Mayun Island) अब हुथी नियंत्रण में है, जिससे बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य खतरे में है।
  • ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद कर दी है।
  • वैश्विक तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं।

यमन में चल रहा संघर्ष अब एक अत्यंत खतरनाक मोड़ पर आ गया है। हुथी लड़ाकों ने इस सप्ताह यमन के लाल सागर तट पर जबरदस्त बढ़त हासिल की है। गुरुवार, 10 सितंबर को हुथी लड़ाकों ने तटीय शहर मोखा (Mokha) पर हमला किया और शुक्रवार की सुबह तक उन्होंने तट पर स्थित सरकार के अंतिम नियंत्रण वाले शहरों पर भी कब्जा कर लिया। यह पहली बार है जब इस समूह ने युद्ध की शुरुआत के बाद से पूरे तटरेखा पर अपना नियंत्रण स्थापित किया है।

इस सैन्य अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मयून द्वीप (Mayun Island), जिसे पेरिम भी कहा जाता है, पर हुथी लड़ाकों का पहुँचना है। यह द्वीप बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb Strait) के ठीक बीच में स्थित है, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच का मुख्य प्रवेश द्वार है। इस द्वीप पर नियंत्रण का मतलब है कि हुथी अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक को सीधे तौर पर नियंत्रित या बाधित कर सकते हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक 'डरावना सपना' साबित हो सकती है। यदि ईरान के समर्थक समूह बाब अल-मंडेब और होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों पर प्रभाव रखते हैं, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह से अस्थिर हो सकती है। यह संघर्ष केवल यमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे व्यापक भू-राजनीतिक युद्ध का एक नया और अधिक विस्फोटक मोर्चा बन गया है।

बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण का अर्थ है वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा को एक उंगली पर लाना।

सऊदी अरब ने इस बढ़ते खतरे के जवाब में कड़ी कार्रवाई की है। ड्रोन हमलों के बाद, रियाद ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है जब होर्मुज जलडमरूमध्य असुरक्षित होता है। इसके अलावा, सऊदी वायुसेना ने मोखा हवाई अड्डे पर हवाई हमले भी किए हैं।

इस अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में उछाल आने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में तेल प्रवाह सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है।

Did You Know?: बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य इतना संकरा है कि यहाँ से गुजरने वाले जहाज वैश्विक तेल व्यापार का एक बहुत बड़ा हिस्सा ले जाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. हुथी विद्रोहियों ने कौन सा महत्वपूर्ण द्वीप जीता है?
हुथी लड़ाकों ने मयून द्वीप (Mayun Island) पर कब्जा कर लिया है, जो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के बीच में स्थित है।

2. इस संघर्ष का तेल की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस संघर्ष के कारण अनिश्चितता बढ़ी है और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं।