तुर्की के न्याय मंत्री अकिं गुरलेक ने कहा कि संविधान के तहत बच्चों और परिवारों की सुरक्षा के नाम पर LGBTQ+ और एचआईवी संगठनों पर कार्रवाई की जा रही है। इस कदम को मानवाधिकार संगठनों ने राजनीतिक दमन कहा है।

  • इस्तांबुल, अंकारा, इज़मिर, आयडिन और मर्सिन में पुलिस ने LGBTQ+ और एचआईवी समूहों पर एक साथ छापेमारी की।
  • न्याय मंत्री अकिं गुरलेक ने इसे बच्चों और परिवारों की सुरक्षा के नाम पर उचित बताया।
  • ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन ने इसे ‘राजनीतिक ऑपरेशन’ कहा, जो स्वतंत्र समाज को दबाने का प्रयास है।

तुर्की के कई प्रमुख LGBTQ+ अधिकार और एचआईवी जागरूकता समूहों को सुबह 1 बजे से शुरू हुई एक समन्वित पुलिस कार्रवाई में निशाना बनाया गया। इस दौरान दर्जनों सदस्यों को हिरासत में लिया गया, कार्यालयों में दरवाजा तोड़ कर घुसा गया और कई लोकप्रिय मिलनस्थलों पर छापेमारी की गई।

न्याय मंत्री अकिं गुरलेक ने सोशल मीडिया पर बताया कि 162 संदिग्धों, नौ संगठनों और 13 व्यवसायों की जांच "बच्चों, परिवार की संस्था और सार्वजनिक व्यवस्था" की रक्षा के लिए की जा रही है, जो राष्ट्रपति रेसेप तायरिप एर्दोगान के 10‑साल के कार्यकारी आदेश के अनुरूप है।

गुरलेक ने कहा, "संविधान द्वारा राज्य को दिया गया परिवार और बच्चों की रक्षा का कर्तव्य है, इसलिए किसी भी आपराधिक संगठित नेटवर्क या गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" यह बयान LGBTQ+ समुदाय के लिए गंभीर चेतावनी बन गया है।

ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, "यह कोई न्यायिक जांच नहीं, बल्कि समाज को एकरूप पारिवारिक मॉडल में ढालने की कोशिश है।" उन्होंने यह भी उजागर किया कि कई संगठनों को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग मिलती है, जिसे सरकार ने दमन के कारण बताया।

जुड़ाव वाले न्याय और विकास पार्टी (AKP) ने अपने पारंपरिक मतदाता आधार को आकर्षित करने के लिए LGBTQ+ समूहों के खिलाफ रुख कड़ा किया है। 2015 में इस्तांबुल प्राइड पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तब से किसी भी बड़े प्राइड इवेंट को दमन किया गया है। इस साल भी एक LGBTQ+ क्रूज़ शिप को तुर्की में डॉक करने की अनुमति नहीं मिली।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the timing of the crackdown, just months before national elections, suggests a strategic move to mobilize conservative voters and suppress dissenting civil society voices, potentially impacting Turkey’s international human‑rights standing.

"Such state‑sanctioned repression not only violates domestic constitutional guarantees but also breaches international human‑rights treaties to which Turkey is a party," says Dr. Leyla Şahin, senior legal scholar at Istanbul University.
Did You Know?: The Ottoman Empire decriminalized homosexuality in 1858, centuries before many modern nations adopted similar reforms.

Frequently Asked Questions

Q1: क्या सभी LGBTQ+ समूहों को बंद कर दिया गया है?
A1: नहीं, केवल कुछ संगठनों और उनके ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को ब्लॉक किया गया है, लेकिन कई छोटे समूह अभी भी कार्य कर रहे हैं, हालांकि वे जोखिम में हैं।

Q2: क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कार्रवाई की निंदा की है?
A2: यूरोपीय संघ और कई मानवाधिकार संगठनों ने तुर्की की इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के विरुद्ध बताया है।