यमन में गृहयुद्ध की आहट तेज हो गई है क्योंकि हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सितंबर से अब तक 80,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
- हुथी विद्रोहियों ने यमन के मोखा बंदरगाह और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है।
- सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों में हवाई हमलों के कारण नागरिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से अब तक 80,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
- हुथी हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर गहरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
यमन में संघर्ष एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रविवार, 13 सितंबर, 2026 को, सरकारी सेनाओं और ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों के बीच लाल सागर के तट पर भीषण लड़ाई देखी गई। इस संघर्ष ने न केवल यमन की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है, बल्कि पड़ोसी देश सऊदी अरब को भी निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
हाल ही में हुथी विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोखा (Mokha) बंदरगाह और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के एक द्वीप पर कब्जा कर लिया है। इस हार को यमन सरकार ने 'दर्दनाक' बताया है। मोखा का गिरना वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि यह स्वेज नहर के विकल्प के रूप में काम करने वाला एक प्रमुख मार्ग है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि हुथी विद्रोहियों का यह विस्तार वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। लाल सागर में शिपिंग और सऊदी तेल बुनियादी ढांचे पर हमलों से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता पैदा हो सकती है। यदि यह संघर्ष अनियंत्रित रहता है, तो यह ईरान को अमेरिका के साथ अपने भू-राजनीतिक संघर्ष में अधिक लाभ प्रदान कर सकता है।
यमन का मौजूदा संकट केवल एक स्थानीय संघर्ष नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों के लिए एक रणनीतिक चुनौती है।
सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांतों, विशेष रूप से अभा (Abha) और खमीस मुशैट (Khamis Mushait) में हवाई हमलों के बाद सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। सऊदी नागरिक रक्षा विभाग ने बताया कि एक प्रोजेक्टाइल सीमा के पास गिरा, जिससे एक मस्जिद और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यमन पिछले 12 वर्षों से एक भीषण संघर्ष का सामना कर रहा है। 2022 में शुरू हुआ युद्धविराम अब लगभग समाप्त होता दिख रहा है। इस लंबे संघर्ष में अब तक लगभग 1,50,000 लोग मारे जा चुके हैं और देश के 4 करोड़ से अधिक लोग भुखमरी और मानवीय संकट के कगार पर खड़े हैं।
| पक्ष | स्थिति/प्रभाव |
|---|---|
| हुथी विद्रोही | मोखा बंदरगाह पर नियंत्रण, सऊदी सीमा पर हमले |
| यमन सरकार | लाल सागर तट पर सेना पुनर्गठित करने की कोशिश |
| मानवीय स्थिति | 80,000+ नए विस्थापित, भुखमरी का खतरा |
Frequently Asked Questions
1. हुथी विद्रोहियों के हमले का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
हुथी हमलों से लाल सागर में शिपिंग बाधित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।
2. विस्थापित लोगों की वर्तमान स्थिति क्या है?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, केवल सितंबर की शुरुआत से ही 80,000 से अधिक लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।