एक नए एनिमेटेड मानचित्र ने दिखाया है कि कैसे फिलिस्तीनी भूमि पर अवैध इजरायली बस्तियों और चौकियों का जाल बिछ रहा है, जिससे 7.5 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।
- फिलिस्तीनी भूमि पर अब 500 से अधिक अवैध बस्तियां और चौकियां मौजूद हैं।
- लगभग 7,50,000 इजरायली नागरिक इन अवैध बस्तियों में रह रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ये बस्तियां अवैध घोषित की गई हैं।
हाल ही में जारी एक विस्तृत एनिमेटेड मानचित्र ने फिलिस्तीनी क्षेत्रों, विशेष रूप से वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में इजरायली बस्तियों के तेजी से होते विस्तार को उजागर किया है। ये बस्तियां मुख्य रूप से यहूदी-केंद्रित समुदाय हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए फिलिस्तीनी भूमि पर बनाया गया है।
इजरायली बस्तियां अक्सर देखने में सामान्य उपनगरों जैसी लगती हैं—समान टाउनहाउस, लाल टाइल वाली छतें और व्यवस्थित लॉन। लेकिन ये पहाड़ियों की चोटियों पर स्थित हैं, जहाँ से वे उन फिलिस्तीनी गांवों और कस्बों पर नियंत्रण रखते हैं जिन्हें इनके निर्माण के लिए खंडित किया गया है। अल जजीरा के विश्लेषण के अनुसार, पिछले छह दशकों में यह नेटवर्क बिखरी हुई चौकियों से बदलकर एक विशाल सड़क और राजमार्ग प्रणाली में बदल गया है जो इन बस्तियों को इजरायल से जोड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह केवल आवास का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय अखंडता का एक गंभीर संकट है। बस्तियों का विस्तार फिलिस्तीनी समुदायों को एक-दूसरे से अलग कर रहा है, जिससे एक भविष्य के स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की संभावना लगभग समाप्त होती जा रही है।
इजरायली वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बस्तियों का विस्तार 'फिलिस्तीनी राज्य के विचार को दफन कर देगा'।
शांति अब (Peace Now) नामक संस्था के आंकड़ों के अनुसार, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में कुल 163 अवैध बस्तियां हैं, जिनमें इजरायल की कुल यहूदी आबादी का लगभग 10 प्रतिशत निवास करता है। इसके अतिरिक्त, 400 से अधिक अवैध चौकियां (outposts) भी मौजूद हैं, जिन्हें अक्सर समय के साथ आधिकारिक बस्तियों में शामिल कर लिया जाता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हालांकि बस्तियों का अस्तित्व 1948 में इजरायल के निर्माण से पहले भी था, लेकिन इनका व्यापक विस्तार 1967 के युद्ध के बाद शुरू हुआ जब इजरायल ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया था। 2024 तक, केवल वेस्ट बैंक में 5,11,100 और पूर्वी यरुशलम में 2,33,600 इजरायली बस रहे थे।
इन बस्तियों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से चौथे जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है, जो किसी कब्जे वाली शक्ति को अपने नागरिकों को कब्जे वाले क्षेत्र में स्थानांतरित करने से रोकता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ये बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध क्यों हैं?
उत्तर: क्योंकि चौथा जिनेवा कन्वेंशन किसी भी कब्जा करने वाली शक्ति को अपने नागरिकों को कब्जे वाले क्षेत्र में बसाने से रोकता है।
प्रश्न 2: 'आउटपोस्ट' और 'बस्ती' में क्या अंतर है?
उत्तर: बस्तियां सरकार द्वारा स्वीकृत और वित्त पोषित होती हैं, जबकि आउटपोस्ट बिना औपचारिक अधिकार के बनाए जाते हैं, हालांकि बाद में उन्हें कानूनी दर्जा दे दिया जाता है।