गाज़ा में जारी युद्ध और आर्थिक संकट के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। माता-पिता के पास अब या तो संसाधनों की कमी वाले तंबुओं में बच्चों को पढ़ाना है या फिर अत्यधिक महंगे निजी स्कूलों का बोझ उठाना है।
- गाज़ा में लगभग 700,000 बच्चे तीन साल से औपचारिक शिक्षा से वंचित हैं।
- 93% स्कूल भवन या तो क्षतिग्रस्त हैं या उन्हें बड़े पुनर्निर्माण की आवश्यकता है।
- निजी स्कूलों की फीस चुकाना अब विस्थापित परिवारों के लिए लगभग असंभव होता जा रहा है।
- स्वयंसेवी शिक्षक तंबुओं में सीमित संसाधनों के साथ शिक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।
गाज़ा पट्टी के बीच में स्थित देइर अल-बलाह के एक शरणार्थी शिविर में, 39 वर्षीय खदीजा अबू क़दोस अपने 11 वर्षीय बेटी जूरी को स्कूल के लिए तैयार कर रही हैं। यह तैयारी किसी सामान्य स्कूल के लिए नहीं, बल्कि एक तंबू के भीतर चल रहे अस्थायी स्कूल के लिए है। इज़रायली हवाई हमलों और गंभीर आर्थिक संकट के बीच, गाज़ा के परिवारों के लिए अपने बच्चों को शिक्षित करना एक दैनिक संघर्ष बन गया है।
खदीजा का परिवार उत्तरी गाज़ा के शेख रदवान पड़ोस से विस्थापित होकर यहाँ आया है, जो पिछले साल इज़रायली सैन्य अभियान में नष्ट हो गया था। जूरी और उसकी 14 वर्षीय बहन रितज अब एल्या स्कूल में पढ़ती हैं, जहाँ कक्षाएं तंबुओं में चलती हैं। यहाँ न तो कुर्सियाँ हैं और न ही डेस्क; बच्चे अक्सर फर्श पर गद्दों और कालीनों पर बैठकर पढ़ते हैं। भीषण गर्मी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने बच्चों की एकाग्रता को और भी कठिन बना दिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गाज़ा में शिक्षा का गिरता स्तर केवल एक शैक्षणिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक पूरी पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में धकेलने वाली मानवीय त्रासदी है। जब बुनियादी स्कूल ही नष्ट हो जाते हैं, तो समाज का बौद्धिक आधार ही समाप्त हो जाता है।
युद्ध से पहले, खदीजा के बच्चे यूएनआरडब्ल्यूए (UNRWA) स्कूलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते थे। अब, वह उन्हें तंबुओं में पढ़ते हुए देख कर लाचार महसूस करती हैं। एक नोटबुक की कीमत भी अब 4 से 6 शेकेल तक पहुँच गई है, जो विस्थापित परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
गाज़ा में शिक्षा व्यवस्था का विनाश एक ऐसी क्षति है जिसे ठीक होने में दशकों लग सकते हैं।
यूनीसेफ (UNICEF) के आंकड़ों के अनुसार, गाज़ा में चार से 17 वर्ष की आयु के लगभग 700,000 बच्चे तीन लगातार स्कूली वर्षों से औपचारिक शिक्षा से दूर रहे हैं। केवल 2% स्कूल भवन ही सुरक्षित बचे हैं, जबकि 93% को तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है।
शिक्षा के विकल्प: एक तुलनात्मक अध्ययन
| विशेषता | स्वयंसेवी/तंबू स्कूल | निजी स्कूल |
|---|---|---|
| लागत (प्रति माह) | लगभग 30 शेकेल ($8) | लगभग 400 शेकेल ($131) |
| सुविधाएं | तंबू, गद्दे, न्यूनतम संसाधन | बेहतर बुनियादी ढांचा, नियमित समय |
| पहुंच | गरीब और विस्थापितों के लिए सुलभ | केवल संपन्न वर्ग के लिए संभव |
जहाँ स्वयंसेवी स्कूल जैसे 'एल्या स्कूल' में 1,100 से अधिक छात्र नामांकित हैं, वहीं वहां केवल 40 स्वयंसेवक शिक्षक ही उपलब्ध हैं। दूसरी ओर, निजी स्कूल बेहतर वातावरण तो देते हैं, लेकिन उनकी फीस इतनी अधिक है कि बेरोजगार पति वाले परिवारों के लिए यह एक बड़ा वित्तीय बोझ है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: गाज़ा में कितने बच्चे शिक्षा से वंचित हैं?
उत्तर: यूनीसेफ के अनुसार, लगभग 700,000 बच्चे औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित हैं।
प्रश्न 2: क्या तंबू वाले स्कूल आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं?
उत्तर: हाँ, कुछ तंबू स्कूल गाज़ा के शिक्षा मंत्रालय की देखरेख में संचालित किए जा रहे हैं।