उत्तर कोरिया ने शनिवार को मिसाइल, आर्टिलरी और ड्रोन का उपयोग करते हुए एक संयुक्त लाइव-फायर ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच प्योंगयांग की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है।

  • उत्तर कोरिया ने मिसाइल, आर्टिलरी और ड्रोन का उपयोग करके संयुक्त लाइव-फायर ड्रिल की।
  • दक्षिण कोरिया ने शनिवार सुबह लघु दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण दर्ज किया।
  • अभ्यास का उद्देश्य एकीकृत मारक क्षमता नियंत्रण प्रणाली में सैनिकों को प्रशिक्षित करना था।
  • यह ड्रिल अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच रुकी हुई कूटनीति के बीच हुई है।

प्योंगयांग ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उसने शनिवार को मिसाइल, आर्टिलरी और ड्रोन को शामिल करते हुए एक व्यापक संयुक्त लाइव-फायर ड्रिल आयोजित की थी। उत्तर कोरियाई आधिकारिक समाचार एजेंसी, KCNA के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सैनिकों को एक एकीकृत मारक क्षमता नियंत्रण प्रणाली (integrated firepower control system) संचालित करने की प्रक्रियाओं से परिचित कराना था।

अभ्यास की निगरानी के बाद, मार्शल पाक जोंग चोन ने कहा कि यह अभ्यास दुश्मन की सशस्त्र सेनाओं को संगठनात्मक और संरचनात्मक रूप से पस्त करने के लिए विशेषज्ञता के स्तर को बढ़ाएगा। उन्होंने दावा किया कि उपयोग किए गए हथियार प्रणालियों ने "एकाग्र अग्नि की विशाल विनाशकारी शक्ति" का प्रदर्शन किया है।

दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया और मिसाइल का रास्ता

दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय वोनसन (Wonsan) क्षेत्र से मिसाइल प्रक्षेपणों का पता लगाया। दक्षिण कोरिया के संयुक्त स्टाफ ने बताया कि शनिवार को दागी गई कई मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी जल क्षेत्र की ओर लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तक उड़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों की उड़ान दूरी यह संकेत देती है कि इन्हें दक्षिण कोरिया में स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

उत्तर कोरिया का यह सैन्य प्रदर्शन स्पष्ट रूप से अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाने की एक रणनीतिक चाल है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह अभ्यास केवल एक सैन्य प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दक्षिण कोरिया के साथ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास को कम करने के प्रयास के बावजूद, उत्तर कोरिया ने इसे अपनी "उकसावे वाली प्रकृति" को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं माना है।

वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, किम जोंग उन को रूस और चीन के साथ मजबूत संबंधों और अपने उन्नत परमाणु शस्त्रागार के कारण अधिक बढ़त महसूस हो रही है। किम का मानना है कि वे 2018-2019 के मुकाबले अब अमेरिका के साथ बातचीत में अधिक मजबूत स्थिति में हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

उत्तर कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं। 2018 और 2019 में ऐतिहासिक शिखर सम्मेलनों के बावजूद, पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण पर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। प्योंगयांग लगातार खुद को एक परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. उत्तर कोरिया ने इस ड्रिल में किन हथियारों का उपयोग किया?
उत्तर कोरिया ने इस संयुक्त अभ्यास में मिसाइल, आर्टिलरी (तोपखाना) और ड्रोन का उपयोग किया है।

2. दक्षिण कोरिया ने मिसाइल प्रक्षेपण कहाँ से दर्ज किए?
दक्षिण कोरिया ने इन प्रक्षेपणों को उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र वोंसन (Wonsan) से दर्ज किया है।

Did You Know?: उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना बेहद कठिन होता है क्योंकि वे अक्सर अत्यधिक गोपनीय क्षेत्रों से किए जाते हैं।