FATF की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए इनाम बढ़ाकर 7 मिलियन पाकिस्तानी रुपये कर दिया है। यह कदम वैश्विक वित्तीय दबाव के बीच आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के दावों को नया मोड़ दे सकता है।
- पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है।
- यह कदम FATF की पेरिस बैठक से कुछ हफ्ते पहले उठाया गया है।
- मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है।
- भारत के खिलाफ पुलवामा और संसद हमले जैसे बड़े आतंकी हमलों के लिए जैश जिम्मेदार है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संस्थापक और प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर मिलने वाले इनाम की राशि में भारी वृद्धि की है। अब इस आतंकी पर 7 मिलियन पाकिस्तानी रुपये (लगभग 24.09 लाख भारतीय रुपये) का इनाम घोषित किया गया है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने अजहर को अपने 'मोस्ट वांटेड' आतंकवादियों की सूची में बरकरार रखा है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पेरिस में 26 से 30 अक्टूबर तक फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। FATF की इस बैठक में उन देशों की समीक्षा की जाएगी जो आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मुद्दों के कारण निगरानी के दायरे में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम FATF की कड़ी निगरानी से बचने के लिए एक कूटनीतिक चाल हो सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पाकिस्तान का यह कदम एक विरोधाभास है। एक तरफ इस्लामाबाद वर्षों से यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में नहीं है और वह अफगानिस्तान भाग गया है, वहीं दूसरी ओर उसकी अपनी ही सुरक्षा एजेंसियां उसे सबसे वांछित अपराधियों में रखती हैं। यह दोहरा रवैया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
मसूद अजहर पर बढ़े हुए इनाम का उद्देश्य वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की छवि को सुधारना और FATF की जांच से ध्यान भटकाना हो सकता है।
मसूद अजहर का इतिहास: 58 वर्षीय मसूद अजहर का भारत के साथ संघर्ष का इतिहास बहुत पुराना है। वह 1999 में भारतीय विमान IC-814 के अपहरण के बाद भारत से रिहा किए गए थे। रिहाई के बाद, उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की, जिसने 2001 में संसद हमला, 2008 में मुंबई हमला, 2016 में पठानकोट हमला और 2019 में पुलवामा हमले जैसी भीषण घटनाओं को अंजाम दिया।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान के तहत 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान बहावलपुर के पास स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे, जिसमें अजहर के परिवार के कई सदस्यों की मौत भी हुई थी। हाल ही में, 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद भी उसका नाम फिर से चर्चा में आया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मसूद अजहर कौन है?
उत्तर: मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है।
प्रश्न 2: पाकिस्तान ने इनाम क्यों बढ़ाया है?
उत्तर: माना जा रहा है कि पाकिस्तान FATF की आगामी बैठक से पहले आतंकवाद के खिलाफ अपनी सक्रियता दिखाने के लिए ऐसा कर रहा है।