भारत ने लाल सागर और फारस की खाड़ी में बढ़ते समुद्री तनाव और नाकाबंदी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता है, जबकि सरकार ने कहा है कि अभी तक तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
- हॉर्मुज़ और बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव पर भारत की गहरी चिंता।
- ओमान के पास एक तेल टैंकर पर हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता।
- सरकार के अनुसार, लाल सागर क्षेत्र से होने वाली तेल आपूर्ति अभी तक सुरक्षित है।
- सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण 24 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर नजर।
भारत सरकार ने मंगलवार को लाल सागर में बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ती नाकाबंदी और अस्थिरता पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के शहरों और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर अपने हमलों को तेज कर दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधिर जयसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों पर हमले अस्वीकार्य हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ओमान के तट के पास एक पनामा के तेल टैंकर 'एल गैया' (El Gaia) पर हुए हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता है। ओमान सरकार इस लापता नाविक की तलाश में भारत का सहयोग कर रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन महत्वपूर्ण जलमार्गों में कोई भी व्यवधान न केवल वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों के जीवन और रोजगार को भी सीधे प्रभावित करता है।
हालिया घटनाक्रम में, 23 चालक दल के सदस्यों वाले एक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 14 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि अधिकांश को बचा लिया गया, लेकिन एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है। अमेरिकी सैन्य खुफिया जानकारी के अनुसार, इस जहाज को पिछले महीने एक ईरानी मिसाइल और इस सप्ताहांत एक ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया था।
क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का गंभीर उल्लंघन है और यह वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा खतरा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बाब-अल-मंडेब और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण 'चोक पॉइंट्स' में से आते हैं। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, जबकि बाब-अल-मंडेब लाल सागर के माध्यम से स्वेज नहर तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है। इन क्षेत्रों में संघर्ष का सीधा असर वैश्विक तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है।
Frequently Asked Questions
1. क्या भारत में तेल की कीमतों पर इसका असर पड़ेगा?
सरकार के अनुसार, लाल सागर से तेल की आपूर्ति अभी तक प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में तनाव बढ़ने पर वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।
2. लापता भारतीय नाविक की तलाश कहाँ की जा रही है?
ओमान के अधिकारियों द्वारा ओमान तट के पास खोज अभियान चलाया जा रहा है और भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में है।