डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में राष्ट्रपति फेलिक्स शिसेकेडी द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं।
- राष्ट्रपति फेलिक्स शिसेकेडी के तीसरे कार्यकाल की संभावना के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन।
- किन्शासा, लुबम्बाशी और उविरा में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और गिरफ्तारियां कीं।
- विपक्ष 'C64' गठबंधन ने सरकार के कदमों की कड़ी निंदा की है।
- देश वर्तमान में इबोला महामारी और पूर्वी क्षेत्रों में सशस्त्र संघर्ष से जूझ रहा है।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को राजधानी किन्शासा में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति फेलिक्स शिसेकेडी द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया, जिससे स्थिति हिंसक झड़पों में बदल गई।
विपक्ष द्वारा गठित 'C64' गठबंधन ने इस विरोध प्रदर्शन को एक राष्ट्रव्यापी 'एक्शन डे' के रूप में आयोजित किया था। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य राष्ट्रपति शिसेकेडी को सत्ता में बने रहने के लिए तीसरा कार्यकाल हासिल करने की अनुमति देना है। वर्तमान संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति के कार्यकाल को दो पांच-वर्षीय अवधियों तक सीमित किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह विरोध केवल सत्ता के संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह DRC की लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि संविधान को बदल दिया जाता है, तो यह देश में सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे भविष्य में राजनीतिक अस्थिरता और नागरिक असंतोष बढ़ सकता है।
विपक्ष के नेता मोहम्मद इयेन्गा के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया जा रहा है और सेना की भारी तैनाती लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
विरोध प्रदर्शन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहे; देश के प्रमुख खनन केंद्र लुबम्बाशी और उविरा में भी प्रदर्शन देखे गए। हालांकि, प्रांतीय पुलिस कमांडर जनरल ब्लेज़ किलिमबालीम्बा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
DRC लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और संसाधनों के लिए संघर्ष का केंद्र रहा है। देश के पूर्वी हिस्से में M23 जैसे विद्रोही समूह सक्रिय हैं, और कांगो सरकार अक्सर इन समूहों को रवांडा का समर्थन प्राप्त होने का आरोप लगाती है। यह संघर्ष स्वास्थ्य सेवाओं, विशेष रूप से दुनिया के सबसे गंभीर इबोला प्रकोप को नियंत्रित करने के प्रयासों में बड़ी बाधा बन रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: प्रदर्शनकारी क्या चाहते हैं?
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति शिसेकेडी द्वारा संविधान में किए जाने वाले उन बदलावों का विरोध कर रहे हैं जो उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति दे सकते हैं।
प्रश्न 2: देश में अन्य मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
देश वर्तमान में एक भीषण इबोला महामारी और पूर्वी क्षेत्रों में चल रहे सशस्त्र संघर्षों का सामना कर रहा है।