अमेरिकी रक्षा विभाग के एक नए खुलासे ने दुनिया को चौंका दिया है, जिसमें बताया गया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका के रणनीतिक गोला-बार्द भंडार में भारी कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की भारी लागत और औद्योगिक बाधाओं ने अमेरिकी सैन्य तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (OEF) पर $33.4 बिलियन खर्च हुए।
- केवल गोला-बार्द पर $22.3 बिलियन की भारी राशि खर्च की गई।
- अमेरिकी सैन्य बेड़े को भारी नुकसान हुआ, जिसमें F-15 विमान और MQ-9 ड्रोन शामिल हैं।
- THAAD इंटरसेप्टर के 80% स्टॉक के खत्म होने की आशंका है।
वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षा विभाग के महानिरीक्षक (Inspector General) ने सोमवार को एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है, जिसमें खुलासा किया गया है कि ईरान के साथ चल रहे महंगे युद्ध के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका को गोला-बार्द (munitions) की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस को सौंपी गई इस पहली अनिवार्य रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से 30 जून के बीच चलाए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (OEF) की अनुमानित लागत 33.4 बिलियन डॉलर रही, जिसमें से अकेले गोला-बार्द पर ही 22.3 बिलियन डॉलर खर्च किए गए हैं।
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'OEF पर गोला-बार्द के खर्च के परिणामस्वरूप रणनीतिक इन्वेंट्री में कमी आई है और गोला-बार्द की पुनरावृत्ति के लिए औद्योगिक आधार में बाधाएं सामने आई हैं।' यह स्थिति अमेरिकी सैन्य शक्ति की दीर्घकालिक क्षमता पर गंभीर सवाल उठाती है।
सैन्य क्षति का विवरण
युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य बेड़े को भी अपूरणीय क्षति हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, चार F-15 लड़ाकू विमान नष्ट हो गए हैं, एक F-35 क्षतिग्रस्त हुआ है, सात KC-135 टैंकर विमानों को नुकसान पहुँचा है और लगभग 30 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी अड्डों पर ईरानी हमलों में सैकड़ों इमारतें और संरचनाएं नष्ट हो गई हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कमी केवल संख्यात्मक नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी रक्षा उद्योग की उत्पादन क्षमता की सीमाओं को उजागर करती है। यदि भविष्य में कोई बड़ा संघर्ष होता है, तो अमेरिका की त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
ईरान के खिलाफ युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल रणनीति नहीं, बल्कि औद्योगिक उत्पादन की क्षमता का भी परीक्षण है।
हालाँकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार इन चिंताओं को खारिज किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया कि अमेरिका इतिहास में पहले से कहीं अधिक 'एलीट और उत्कृष्ट हथियार' बना रहा है और उनके पास गोला-बार्द की कोई कमी नहीं है।
लेकिन CNN की रिपोर्टों ने इस दावे पर संदेह जताया है। रिपोर्टों के अनुसार, लंबी दूरी की निर्देशित मिसाइलों और हवाई रक्षा इंटरसेप्टरों की कमी ने ईरान के साथ संघर्ष में ट्रंप की रणनीति को प्रभावित किया है। विशेष रूप से, THAAD इंटरसेप्टर के स्टॉक के लगभग 80% खत्म होने की खबर ने रक्षा विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है।
Frequently Asked Questions
1. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (OEF) क्या है?
यह ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा चलाया गया एक सैन्य अभियान है जिसके कारण भारी गोला-बार्द खर्च हुआ है।
2. अमेरिकी सैन्य बेड़े को कितना नुकसान हुआ है?
रिपोर्ट के अनुसार, चार F-15 विमान, एक F-35 और लगभग 30 MQ-9 ड्रोन नष्ट हो गए हैं।