झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती धांधली के खिलाफ छात्र आंदोलन तेज हो गया है। भूख हड़ताल के 11वें दिन अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करती, आंदोलन थमेगा नहीं।
मुख्य बातें
- देवेंद्र नाथ महतो 11वें दिन भी भूख हड़ताल पर अडिग हैं।
- आंदोलनकारी JPSC-JSSC भर्ती में अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
- महतो का कहना है कि सरकार के दावे खोखले हैं और 50% मांगें भी पूरी नहीं हुई हैं।
- युवाओं के भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जान की परवाह न करने की बात कही।
झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आक्रोश चरम पर है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उनकी जिद नहीं टूटी है।
अस्पताल के बेड से exclusive बातचीत में महतो ने कहा कि सरकार द्वारा 90% मांगों के पूरा होने का दावा पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा, "जमीनी स्तर पर अभी 50% मांगें भी पूरी नहीं हुई हैं। केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, हमें आधिकारिक पत्र और ठोस कार्रवाई चाहिए।"
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक भर्ती विवाद नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक पारदर्शिता का प्रश्न है। यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की जांच नहीं होती है, तो राज्य की प्रतिभा का पलायन और व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ेगा।
"जिंदा रहूं या न रहूं, युवाओं का भविष्य बचना चाहिए।" - देवेंद्र नाथ महतो
महतो ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एक 'सड़े-गले सिस्टम' के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हेमंत सोरेन सरकार ने लिखित आदेश जारी कर सुधार नहीं किया, तो छात्र सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झारखंड में समय-समय पर सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के आरोप लगते रहे हैं, जिससे छात्र समुदाय में भारी असंतोष व्याप्त है। JPSC और JSSC जैसी संस्थाएं राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती एजेंसियां हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता की कमी पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. देवेंद्र महतो की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में धांधली की CBI जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी व्यवस्था लागू करना है।
2. आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
वर्तमान में इस छात्र आंदोलन का नेतृत्व देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।