झारखंड CID ने भर्ती परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं के आरोपों के बाद पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन और आयोग के सभी सदस्यों के इस्तीफे के बाद हुई है।
- पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते को झारखंड CID ने गिरफ्तार किया।
- भर्ती अनियमितता मामले में अब तक कुल 20 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
- अध्यक्ष की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले JPSC के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दिया।
- पेपर लीक और रिश्वतखोरी के आरोपों के कारण अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश था।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, झारखंड आपराधिक जांच विभाग (CID) ने सोमवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और रिश्वतखोरी की गहरी जांच का परिणाम है।
राज्य के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके श्री खियांगते को पिछले साल फरवरी में JPSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों में रहा। उन्होंने 22 जुलाई, 2026 को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसके ठीक एक दिन बाद CID ने उनके आधिकारिक आवास सहित कई स्थानों पर छापेमारी की थी। जहां CID इस समय को संदिग्ध मान रही है, वहीं श्री खियांगते का दावा है कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह गिरफ्तारी केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राज्य की योग्यता-आधारित प्रणाली (Meritocracy) के पतन का संकेत है। जब राज्य की शीर्ष नौकरशाही की भर्ती करने वाले आयोग का प्रमुख ही गिरफ्तार हो जाए, तो यह पूरे प्रशासनिक ढांचे में हड़कंप मचा देता है। आयोग के सभी सदस्यों के इस्तीफे के तुरंत बाद हुई यह गिरफ्तारी राज्य के युवाओं और शासन के बीच विश्वास की भारी कमी को दर्शाती है।
"एक पूर्व मुख्य सचिव और JPSC प्रमुख की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर भर्ती प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल करने के भारी दबाव में है।"
जांच का दायरा तेजी से बढ़ा है और अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 हो गई है। CID की इस जांच के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में शामिल है, जो कथित रिश्वत नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहा है। रांची में छात्रों का आक्रोश चरम पर है, जहां हजारों अभ्यर्थी पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण बदलाव की मांग कर रहे हैं।
ऐतिहासिक रूप से, झारखंड भर्ती में देरी और मुकदमों से जूझता रहा है। हालांकि, वर्तमान संकट अभूतपूर्व है क्योंकि इसमें विरोध का स्तर और शामिल अधिकारियों की वरिष्ठता बहुत अधिक है। छात्र आंदोलनों से शुरू हुआ यह मामला अब आयोग के प्रमुख की गिरफ्तारी तक पहुंच गया है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
मामले की प्रगति का विवरण
| घटना | समयसीमा/स्थिति |
|---|---|
| एल. खियांगते का इस्तीफा | 22 जुलाई, 2026 |
| आवास पर CID छापेमारी | 23 जुलाई, 2026 |
| सदस्यों का इस्तीफा | 9 अगस्त, 2026 |
| अध्यक्ष की गिरफ्तारी | 10 अगस्त, 2026 |
| कुल गिरफ्तारियां | 20 व्यक्ति |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: एल. खियांगते को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें JPSC द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के संबंध में झारखंड CID द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 2: अन्य JPSC सदस्यों का क्या हुआ?
अध्यक्ष की गिरफ्तारी से एक दिन पहले, छात्रों के भारी विरोध के बीच आयोग के सभी तीन सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।