केरल के गृह मंत्रालय ने स्थानीय स्व-शासन विभाग को शामिल करते हुए 'ऑपरेशन टूफान' के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है। 1,200 स्थानीय निकायों में झंडे लहराए जाएंगे और 1,034 वार्डों में कमेटियाँ गठित की जाएंगी, जिससे नशामुक्ति अभियान को और गहराई मिलेगी।
- दूसरा चरण 28 सितंबर से शुरू
- 1,200 निकायों में टूफान झंडे लहराएंगे
- 1,034 वार्डों में कमेटियाँ गठित होंगी
केरल के गृह मंत्रालय ने आज घोषणा की कि 'ऑपरेशन टूफान' का दूसरा चरण 28 सितंबर से शुरू होगा। इस चरण में स्थानीय स्व-शासन विभाग को प्रमुख भूमिका निभाने के लिए बुलाया गया है, जिससे नशामुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
गृह मंत्री रमेश चेनिथाला और स्थानीय स्व-शासन मंत्री के.एम. शाजी ने मीडिया से कहा कि पुलिस के साथ-साथ कुदुम्बश्री मिशन, एसएसएचए, अंगनवाड़ी कार्यकर्ता, हरित कर्म सेनाएँ, स्थानीय क्लब, स्वयंसेवक और पड़ोस समूह भी इस अभियान में शामिल होंगे।
दूसरे चरण की प्रमुख गतिविधि 1,200 स्थानीय निकायों में ‘टूफान झंडे’ लहराना है। यह कार्य 28 सितंबर को एक ही समय पर पूरे राज्य में किया जाएगा। साथ ही 1,034 वार्डों में ‘टूफान समितियाँ’ गठित की जाएंगी, जिनमें कम से कम दस सदस्य होंगे।
इस अभियान के तहत 21,000 वार्डों में ‘टूफान ग्राम सभा’ आयोजित की जाएगी और 30 अक्टूबर तक सभी वार्डों में जने जागरूकता समितियाँ (जन जागृति समिति) सक्रिय होंगी।
Why This Matters
बोजोकमीडिया विश्लेषण के अनुसार, स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति के प्रयासों को बढ़ाने से नशीली दवाओं के सेवन में 15% से अधिक की कमी संभव है। यह पहल न केवल सामाजिक जागरूकता बढ़ाएगी बल्कि पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।
“स्थानीय स्तर पर यह पहल नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक जाल तैयार करेगी, जिससे युवा वर्ग में नशीली दवाओं का सेवन घटेगा।”
Frequently Asked Questions
1. क्या यह अभियान केवल नशा विरोधी है या अन्य अपराधों को भी लक्षित करेगा? यह अभियान मुख्य रूप से नशामुक्ति पर केंद्रित है, परंतु अन्य अपराधों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
2. स्थानीय निकायों को कौन से संसाधन मिलेंगे? प्रत्येक निकाय को प्रशिक्षण, जागरूकता सामग्री और नशा नियंत्रण उपकरण प्रदान किए जाएंगे।