मथुरा के मशहूर पेड़े अब आप घर पर ही बेहद आसानी से बना सकते हैं। शेफ पंकज भदौरिया की इस झटपट रेसिपी से बिना घंटों दूध सुखाए तैयार करें दानेदार और स्वादिष्ट पेड़े।
मुख्य बातें
- बिना खोया और मेवा के केवल 15 मिनट में तैयार।
- मिल्क पाउडर और चीनी की चाशनी (तगार) का उपयोग।
- जन्माष्टमी और सावन के त्योहारों के लिए विशेष रेसिपी।
मथुरा के पेड़े का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। इनका खास भूरा रंग, इलायची और जायफल की महक और दानेदार टेक्सचर इन्हें भारत की सबसे पसंदीदा मिठाइयों में से एक बनाता है। पारंपरिक रूप से इन्हें बनाने में घंटों दूध को कड़ाही में सुखाना पड़ता है, लेकिन अब यह काम मिनटों में हो सकता है।
शेफ की जादुई रेसिपी
मशहूर शेफ पंकज भदौरिया ने एक ऐसी विधि साझा की है जिससे आप बिना घंटों मेहनत किए बिल्कुल असली मथुरा जैसे स्वादिष्ट भूरे पेड़े बना सकते हैं। इस विधि में न तो आपको घंटों दूध उबालने की जरूरत है और न ही महंगे मेवों की।
बनाने की सामग्री
तगार के लिए: 2 कप चीनी, ½ कप पानी, 1 बड़ा चम्मच घी।
पेड़े के लिए: 2 कप मिल्क पाउडर, 4 बड़े चम्मच घी, ½ कप दूध।
बनाने की विधि
सबसे पहले चाशनी तैयार करें। एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। जैसे ही झाग बनने लगे, घी मिलाएं और इसे तब तक चलाएं जब तक यह क्रिस्टलाइज्ड (तगार) न बन जाए। दूसरे पैन में मिल्क पाउडर और घी को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। अब इसमें दूध और तैयार तगार मिलाकर छोटे-छोटे पेड़े बना लें और उन्हें तगार में लपेट दें।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि त्योहारों के दौरान लोग अब ऐसी रेसिपी की तलाश में रहते हैं जो समय बचाए और जिसमें सामग्री आसानी से उपलब्ध हो। यह रेसिपी उन लोगों के लिए वरदान है जो शुद्धता और स्वाद दोनों चाहते हैं।
घर पर बनी मिठाइयां न केवल किफायती होती हैं, बल्कि उनमें शुद्धता की गारंटी भी होती है।
Frequently Asked Questions
1. क्या इन पेड़ों को लंबे समय तक रखा जा सकता है?
जी हाँ, इन्हें आप एक महीने तक स्टोर करके रख सकते हैं।
2. क्या मिल्क पाउडर का उपयोग करने से स्वाद बदल जाता है?
नहीं, सही तरीके से भूनने पर यह बिल्कुल पारंपरिक स्वाद देता है।