सोशल मीडिया पर छोले (काबुली चने) का उपयोग करके दही का कल्चर बनाने का दावा वायरल हो रहा है। विशेषज्ञों ने इस प्रक्रिया के पीछे के विज्ञान और इसके स्वास्थ्य लाभों व जोखिमों का विश्लेषण किया है।

  • छोले को भिगोने से प्राकृतिक किण्वन (Fermentation) होता है जिससे लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया पनपते हैं।
  • यह प्रक्रिया डेयरी-मुक्त विकल्प चाहने वालों के लिए उपयोगी है, लेकिन पारंपरिक दही के समान पोषक नहीं है।
  • घर पर इसे बनाते समय स्वच्छता का अत्यधिक ध्यान रखना आवश्यक है वरना संक्रमण का खतरा हो सकता है।

आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई कुकिंग हैक्स वायरल होते हैं जो रसोई के बुनियादी सामानों से नए प्रयोग करने का दावा करते हैं। हाल ही में छोले (Chickpeas) का उपयोग करके दही का स्टार्टर या कल्चर बनाने का एक तरीका चर्चा में आया है। इस दावे की सत्यता जानने के लिए हमने खाद्य विशेषज्ञों और आहार विशेषज्ञों से बात की।

बावा ग्रुप ऑफ होटल्स के क्यूलिनरी डायरेक्टर शेफ स्वप्निल मुले के अनुसार, छोले से दही का कल्चर बनाया जा सकता है। उन्होंने समझाया कि जब चनों को रात भर पानी में भिगोया जाता है, तो उनमें किण्वन की प्रक्रिया शुरू होती है। यह प्रक्रिया उन्हें 'सिनबायोटिक्स' में बदल देती है, जहाँ प्राकृतिक फाइबर अच्छे बैक्टीरिया, विशेष रूप से Lactobacillus की वृद्धि को प्रेरित करते हैं।

यह प्रक्रिया कैसे काम करती है?

इस स्टार्टर को बनाने के लिए चनों को रात भर भिगोया जाता है, फिर उन्हें थोड़े से पानी के साथ पीसकर पेस्ट बनाया जाता है। केइएमएस अस्पताल, ठाणे की मुख्य आहार विशेषज्ञ Dt अमरीन शेख बताती हैं कि इस मिश्रण को एक साफ बर्तन में कमरे के तापमान पर रखा जाना चाहिए। जब इसमें हल्का खट्टा स्वाद और गंध आने लगे, तब इसे अन्य बैच को इनोकुलेट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह ट्रेंड उन लोगों के लिए एक क्रांतिकारी विकल्प हो सकता है जो लैक्टोज इनटोलरेंट हैं या वीगन जीवनशैली अपना रहे हैं। हालांकि, यह पारंपरिक डेयरी दही का पूर्ण विकल्प नहीं है। जहाँ डेयरी दही कैल्शियम और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का स्रोत है, वहीं छोले-आधारित कल्चर प्लांट प्रोटीन और फाइबर प्रदान करता है।

"छोले का किण्वन इसे डेयरी दही के समान कैल्शियम या प्रोबायोटिक सामग्री वाला नहीं बना देता, लेकिन यह पाचन में सहायक हो सकता है।"

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घर पर इस प्रक्रिया को अपनाते समय स्वच्छता सर्वोपरि है। यदि मिश्रण का रंग बदल जाए, उसमें फफूंद (mould) दिखें या बहुत खराब गंध आए, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए।

विशेषता डेयरी दही छोले-आधारित कल्चर
मुख्य पोषक तत्व कैल्शियम, एनिमल प्रोटीन फाइबर, प्लांट प्रोटीन, आयरन
बैक्टीरिया स्रोत स्थापित लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया प्राकृतिक वातावरण से प्राप्त बैक्टीरिया
उपयोगिता सामान्य स्वास्थ्य डेयरी-मुक्त/वीगन आहार
क्या आप जानते हैं?: किण्वन (Fermentation) की प्रक्रिया legumes में मौजूद एंटी-न्यूट्रिशनल कारकों को कम करती है, जिससे उन्हें पचाना आसान हो जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह बाजार में मिलने वाले प्रोबायोटिक्स जितना सुरक्षित है?
उत्तर: नहीं, घर पर बने कल्चर में माइक्रोबियल मेकअप अनिश्चित होता है। व्यावसायिक उत्पाद अधिक विश्वसनीय होते हैं।

प्रश्न 2: क्या इसे हर कोई इस्तेमाल कर सकता है?
उत्तर: हाँ, विशेष रूप से वे लोग जो दूध से बचते हैं, लेकिन किसी भी नए आहार को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।