अभिनेत्री रोशनी चोपड़ा ने बेहतर नींद और तनाव मुक्ति के लिए 'साल्ट स्टॉम्पिंग' (नमक पर चलना) का सहारा लिया है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके त्वचा पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति आगाह किया है।

  • रोशनी चोपड़ा ने 'एप्सम साल्ट स्टॉम्पिंग' को तनाव कम करने और बेहतर नींद के लिए प्रभावी बताया है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, साल्ट स्टॉम्पिंग का कोई ठोस वैज्ञानिक या त्वचा संबंधी लाभ सिद्ध नहीं हुआ है।
  • त्वचा पर कट, घाव या अत्यधिक सूखापन होने पर यह प्रक्रिया नुकसानदेह हो सकती है।

हाल ही में मशहूर अभिनेत्री रोशनी चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर एक नया वेलनेस ट्रेंड साझा किया है, जिसे 'साल्ट स्टॉम्पिंग' कहा जाता है। इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट में, चोपड़ा ने बताया कि एप्सम साल्ट (Epsom Salt) पर चलने का यह अनुष्ठान उन्हें मानसिक शांति, ऊर्जा की शुद्धि और गहरी नींद पाने में मदद करता है। उन्होंने इसे एक 'पवित्र' अनुभव बताया जो उन्हें शांत और जमीन से जुड़ा हुआ महसूस कराता है।

साल्ट स्टॉम्पिंग क्या है?

साल्ट स्टॉम्पिंग एक पारंपरिक अनुष्ठान है जिसमें व्यक्ति नमक पर चलता है या हल्के से पैर रखता है। माना जाता है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, सौभाग्य लाने या भावनात्मक शुद्धि का एक तरीका है। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान इसे अलग नजरिए से देखता है।

बोजोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis) के अनुसार, जहाँ सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से लोग इसे शांतिदायक मान सकते हैं, वहीं चिकित्सकीय दृष्टिकोण से इसके लाभों पर सवाल उठते हैं।

साल्ट स्टॉम्पिंग का मुख्य लाभ संभवतः सांस्कृतिक या भावनात्मक है, न कि कोई प्रमाणित चिकित्सा लाभ।

त्वचा विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों ने इस ट्रेंड को अपनाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है। एस्टेर सीएमआई अस्पताल, बैंगलोर की वरिष्ठ त्वचा विशेषज्ञ डॉ. शिरीन फर्टाडो का कहना है कि इस बात का कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नमक पर चलने से शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन या त्वचा संबंधी कोई लाभ होता है।

मुंबई की त्वचा विशेषज्ञ डॉ. शरीफा चाउसे ने चेतावनी दी है कि नमक त्वचा को अत्यधिक शुष्क बना सकता है। यदि किसी की त्वचा संवेदनशील है, या उसे एक्जिमा जैसी समस्या है, तो यह प्रक्रिया जलन पैदा कर सकती है।

विशेषतासाल्ट स्टॉम्पिंग (मान्यता)चिकित्सा विज्ञान (तथ्य)
मुख्य लाभतनाव मुक्ति और ऊर्जा शुद्धिकोई प्रमाणित शारीरिक लाभ नहीं
त्वचा पर प्रभावमानसिक शांतिशुष्कता और जलन का खतरा
अनुशंसित उपयोगवेलनेस अनुष्ठान के रूप मेंसावधानी के साथ (यदि चुना जाए)

सावधानी बरतें

डॉ. चाउसे के अनुसार, यदि कोई इस प्रक्रिया को अपनाना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • पैरों पर कोई कट, छाला या खुला घाव नहीं होना चाहिए।
  • प्रक्रिया के बाद पैरों को अच्छी तरह धोएं और मॉइस्चराइज़र लगाएं।
  • मधुमेह (Diabetes) के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि वे पैरों की चोट को महसूस नहीं कर पाते।
Did You Know?: एप्सम साल्ट वास्तव में मैग्नीशियम सल्फेट है, जिसका उपयोग अक्सर मांसपेशियों के दर्द से राहत के लिए स्नान में किया जाता है, न कि केवल पैरों के नीचे बिछाने के लिए।

Frequently Asked Questions

1. क्या साल्ट स्टॉम्पिंग से त्वचा साफ होती है?
नहीं, चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इसका कोई प्रमाण नहीं है। बल्कि यह त्वचा को शुष्क बना सकता है।

2. किसे साल्ट स्टॉम्पिंग से बचना चाहिए?
जिन लोगों को मधुमेह है, संवेदनशील त्वचा है या पैरों में घाव हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए।