कोयंबटूर का पर्यटन विभाग ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त बनाने के लिए एक विशेष 'टूरिस्ट गाइड' प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जिसका उद्देश्य उन्हें उद्यमी बनाना है।
- कोयंबटूर पर्यटन विभाग ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए पेशेवर टूर गाइड प्रशिक्षण शुरू करेगा।
- इस पहल का उद्देश्य उन्हें स्वयं की ट्रैवल एजेंसी चलाने के लिए सक्षम बनाना है।
- प्रशिक्षण के दौरान सरकार रहने और खाने की व्यवस्था करेगी।
- न्यूनतम योग्यता कक्षा 12वीं निर्धारित की गई है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, पर्यटन विभाग ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को मुख्यधारा में लाने के लिए 'टूरिस्ट गाइड' प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पहल न केवल सामाजिक समावेश को बढ़ावा देगी, बल्कि इस समुदाय के लिए आर्थिक स्वावलंबन के नए द्वार भी खोलेगी।
कोयंबटूर जिला कलेक्टर पवनकुमार जी. गिरियाप्पनवर के मार्गदर्शन में, विभाग ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 'स्केल इंटरनेशनल एसोसिएशन' (Skal International Association) और 'पॉलाची चैंबर ऑफ कॉमर्स' जैसे गैर-सरकारी संगठनों और सेवा संस्थाओं के साथ हाथ मिलाया है। यह कार्यक्रम 2025 से कैब ड्राइवरों और हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए चलाए जा रहे क्षमता निर्माण प्रशिक्षण की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण विस्तार है।
उद्यमिता और सशक्तिकरण का लक्ष्य
जिला पर्यटन अधिकारी जगदीश्वरी ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों को ऐसे कुशल उद्यमी के रूप में तैयार करना है जो पेशेवर नैतिकता के साथ अपनी खुद की ट्रैवल एजेंसी और टूर ऑपरेशन शुरू कर सकें और उनका प्रबंधन कर सकें। प्रशिक्षण के चरणों के आधार पर, भविष्य में इसे जिला, क्षेत्रीय या राज्य स्तर पर विस्तारित किया जा सकता है।
यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को गरिमापूर्ण जीवन जीने और समाज में सम्मानजनक स्थान पाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
सरकार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था करेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, सफल उम्मीदवारों को आधिकारिक प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जो उनके पेशेवर करियर की शुरुआत में सहायक होंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल पर्यटन क्षेत्र का विस्तार नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। हाशिए पर रहने वाले समुदायों को पेशेवर कौशल प्रदान करके, सरकार आर्थिक असमानता को कम करने और समावेशी विकास की दिशा में काम कर रही है।
हालाँकि, इस कार्यक्रम की योग्यता को लेकर कुछ चुनौतियाँ भी हैं। वर्तमान में, तमिलनाडु पर्यटन नीति 2023 के अनुरूप न्यूनतम योग्यता कक्षा 12वीं पास रखी गई है।
Frequently Asked Questions
1. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पेशेवर टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित करना और उन्हें उद्यमी बनाकर आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है।
2. प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?
वर्तमान नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 12वीं पास होना अनिवार्य है।