हैदराबाद के सेजब्रुक इंटरनेशनल स्कूल ने कामकाजी माता-पिता के लिए कैंपस के भीतर ही एक आधुनिक को-वर्किंग लाउंज और कैफे की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य माता-पिता की चिंता को कम करना और उनके यात्रा समय को बचाना है।
- सेजब्रुक इंटरनेशनल स्कूल ने अभिभावकों के लिए 1,400 वर्ग फुट का को-वर्किंग स्पेस बनाया है।
- इस सुविधा में समर्पित डेस्क, कम्युनिटी टेबल, फिटनेस साइकिल और एक कैफे शामिल है।
- इसका मुख्य उद्देश्य 'सेपरेशन एंग्जायटी' को कम करना और अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को बढ़ावा देना है।
भारत के प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में उभरे हैदराबाद में शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठा प्रयोग देखने को मिल रहा है। नानकरामगुडा स्थित सेजब्रुक इंटरनेशनल स्कूल (Sagebrook International School) ने कॉर्पोरेट जगत की कार्य संस्कृति को स्कूल कैंपस में उतार दिया है। स्कूल ने विशेष रूप से कामकाजी माता-पिता के लिए एक 'पैरेंट कैफे' और 'को-वर्किंग लाउंज' लॉन्च किया है, ताकि वे अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद घर या ऑफिस जाने के बजाय वहीं से अपना काम कर सकें।
यह 1,400 वर्ग फुट का लाउंज आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहाँ अभिभावक न केवल सैंडविच, सलाद और रैप्स जैसे स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं, बल्कि समर्पित डेस्क पर बैठकर अपना ऑफिस वर्क भी कर सकते हैं। इसके अलावा, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यहाँ स्टेशनरी साइकिल और पेरेंटिंग व बाल विकास पर आधारित पुस्तकों का एक संग्रह भी उपलब्ध है। वर्तमान में यह स्कूल प्री-नर्सरी से ग्रेड II तक की शिक्षा प्रदान कर रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह पहल केवल सुविधा के बारे में नहीं है, बल्कि यह आधुनिक शहरी जीवन की एक बड़ी समस्या 'टाइम मैनेजमेंट' और 'मेंटल हेल्थ' का समाधान है। हाइब्रिड वर्क कल्चर के दौर में, स्कूल कैंपस को एक उत्पादक कार्यस्थल में बदलना पेरेंट्स के तनाव को कम करता है। यह मॉडल भविष्य के स्कूलों के लिए एक ब्लूप्रिंट हो सकता है जहाँ शिक्षा और कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) का मिलन होता है।
स्कूल के संस्थापक प्रवीण राजू ने बताया कि यह विचार उन्हें 2022 में लंदन और सिंगापुर के किंडरगार्टन स्कूलों के दौरे के दौरान आया था। उनका मानना है कि आज के समय में बच्चों की शिक्षा में माता-पिता और दादा-दादी की भागीदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए, उन्होंने एक 'इंटरजेनरेशनल कैंपस' (अंतर-पीढ़ीगत परिसर) बनाने का निर्णय लिया।
"नए माता-पिता अक्सर अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते समय अलगाव की चिंता (Separation Anxiety) महसूस करते हैं; यह स्पेस उन्हें अपने बच्चों के करीब रहने और साथ ही अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर देता है।"
सह-संस्थापक एशिता राजू के अनुसार, इस स्थान का उपयोग भविष्य में पेरेंट एजुकेशन वर्कशॉप के लिए भी किया जाएगा, जिसमें बाल विकास और विकासात्मक मील के पत्थरों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। स्कूल ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यह लाउंज केवल एक सामाजिक मिलन स्थल न बनकर एक उत्पादक कार्य वातावरण बना रहे।
Frequently Asked Questions
1. क्या को-वर्किंग स्पेस का उपयोग करने के लिए कोई शुल्क है?
नहीं, को-वर्किंग स्पेस का उपयोग अभिभावकों के लिए निःशुल्क है, हालांकि कैफे में मिलने वाले स्नैक्स के लिए भुगतान करना होगा।
2. यह सुविधा किन कक्षाओं के अभिभावकों के लिए उपलब्ध है?
वर्तमान में यह सुविधा प्री-नर्सरी, किंडरगार्टन और ग्रेड II तक के बच्चों के माता-पिता के लिए उपलब्ध है।