भोटेकोषी फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल ने अपने महत्वपूर्ण शरदकालीन पर्यटन सीजन को बचाने के लिए 'नेपाल कॉलिंग' अभियान शुरू किया है। सरकार पर्यटकों को आश्वस्त कर रही है कि प्रमुख ट्रेकिंग मार्ग और पर्यटन स्थल पूरी तरह सुरक्षित और खुले हैं।
- भोटेकोषी फ्लैश फ्लड के बाद पर्यटन क्षेत्र में गिरावट रोकने के लिए 'नेपाल कॉलिंग' अभियान शुरू।
- सरकार ने स्पष्ट किया कि काठमांडू, पोखरा और अन्नपूर्णा जैसे प्रमुख क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- पर्यटन क्षेत्र नेपाल की जीडीपी में 6.7% का योगदान देता है और 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है।
- बाढ़ के कारण सितंबर-नवंबर के सीजन की बुकिंग में 20% तक की कमी देखी गई है।
नेपाल सरकार ने हाल ही में आई भोटेकोषी फ्लैश फ्लड (Bhotekoshi flash floods) के बाद अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच बढ़ते डर को दूर करने के लिए एक बड़े कदम के रूप में 'नेपाल कॉलिंग' (Nepal Calling) अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन सीजन, जो कि शरद ऋतु (Autumn) में आता है, को बचाना है। पर्यटन मंत्री खड़क राज पौडेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश दिया है कि नेपाल के हिमालयी ट्रेकिंग मार्ग पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
पर्यटन मंत्री पौडेल ने एक वीडियो संदेश में कहा, "नेपाल अभी भी खुला है... हमारे हिमालयी ट्रेकिंग मार्ग आपका इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस समय नेपाल आना न केवल एक छुट्टी मनाने जैसा है, बल्कि यह आपदा से जूझ रहे देश की मदद करने जैसा भी है। उल्लेखनीय है कि नेपाल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान लगभग 6.7 प्रतिशत है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दस लाख से अधिक लोगों की आजीविका का आधार है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, नेपाल के लिए सितंबर से नवंबर का समय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वार्षिक विदेशी पर्यटकों की संख्या का लगभग 40% हिस्सा होता है। अगस्त में पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 3.65% की गिरावट देखी गई थी, और हालिया बाढ़ ने बुकिंग रद्द होने की दर को और बढ़ा दिया है। यदि इस सीजन को नहीं बचाया गया, तो नेपाल की आर्थिक रिकवरी को गहरा झटका लग सकता है जो पहले से ही कोविड-19 और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रही है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र भौगोलिक रूप से सीमित हैं, जबकि देश के मुख्य पर्यटन केंद्र जैसे पोखरा और अन्नपूर्णा पूरी तरह सुरक्षित और क्रियाशील हैं।
बाढ़ की घटना नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक हिम-चट्टान के भूस्खलन (ice-rock avalanche) के कारण हुई थी, जिससे भोटेकोषी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा ने कुछ उत्तरी क्षेत्रों में घरों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने स्पष्ट किया है कि काठमांडू घाटी, पोखरा, चितवन, लुंबिनी, जनकपुर, अन्नपूर्णा और सगरमाथा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए पूरी तरह खुले हैं।
होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष बिनायक शाह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर बाढ़ की तस्वीरों के कारण पर्यटकों के मन में पूरे देश के असुरक्षित होने का भ्रम पैदा हो रहा है। इसके समाधान के लिए सरकार अब वीज़ा शुल्क में छूट, होटल डिस्काउंट और हवाई किराए में कमी जैसे प्रोत्साहन पैकेज पर विचार कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का विश्वास फिर से जीता जा सके।
Frequently Asked Questions
1. क्या नेपाल के प्रमुख ट्रेकिंग मार्ग अभी भी खुले हैं?
हाँ, सरकार के अनुसार अन्नपूर्णा, सगरमाथा और अन्य प्रमुख ट्रेकिंग मार्ग पूरी तरह से खुले और सुरक्षित हैं।
2. 'नेपाल कॉलिंग' अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य बाढ़ के कारण उपजे डर को कम करना और पर्यटकों को यह बताना है कि नेपाल यात्रा के लिए सुरक्षित है।