यमन में राजनीतिक विवादों और मानवीय सहायता के रुकने के कारण लगभग 50 लाख बच्चे आवश्यक नियमित टीकाकरण से वंचित हो गए हैं, जिससे महामारी का खतरा बढ़ गया है।
- हुथी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में यूनिसेफ (UNICEF) के संचालन रुकने से टीकों की भारी कमी हुई है।
- लगभग 50 लाख बच्चे बुनियादी स्वास्थ्य सुरक्षा और नियमित टीकाकरण से वंचित हैं।
- स्वास्थ्य सुविधाओं की कार्यक्षमता गिरकर केवल 59.3% रह गई है।
यमन के इब्ब शहर के निवासी मिर्सल आदेल की कहानी इस मानवीय त्रासदी का एक छोटा सा हिस्सा है। अपने पांचवें बच्चे के लिए टीका खोजने के लिए उन्हें कई अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन हर जगह एक ही जवाब मिला—टीके खत्म हो चुके हैं। अंततः, उन्हें अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए 75 किलोमीटर दूर ताइज़ शहर जाना पड़ा, जिसका खर्च उनके जैसे गरीब परिवार के लिए बहुत अधिक था।
यह संकट तब गहराया जब अक्टूबर 2025 में यूनिसेफ (UNICEF) ने हुथी नियंत्रित क्षेत्रों में अपना कामकाज बंद कर दिया। यह निर्णय हुथी विद्रोहियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के दर्जनों कर्मचारियों की हिरासत और उनके कार्यालयों पर छापेमारी के बाद लिया गया। सना स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उन्हें अंतिम वैक्सीन शिपमेंट सितंबर 2025 में प्राप्त हुआ था, जिसके बाद आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह स्थिति केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि एक 'राजनीतिक हथियार' के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग है। जब बुनियादी टीकाकरण रुकता है, तो पोलियो और खसरा जैसी बीमारियां, जिन्हें दुनिया ने लगभग खत्म कर दिया था, फिर से उभर सकती हैं। यह न केवल यमन बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक स्वास्थ्य जोखिम है।
"मानवीय सहायता का राजनीतिकरण मासूम बच्चों के जीवन के साथ एक खतरनाक जुआ है, जिसका परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना होगा।"
हुथी समर्थित स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस विफलता के लिए यूनिसेफ और गावी (Gavi) वैक्सीन एलायंस को जिम्मेदार ठहराया है। उनका दावा है कि मानवीय कार्यों के राजनीतिकरण और सऊदी अरब द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के कारण वे स्वयं टीकों का आयात नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर, अदन स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का कहना है कि उनके पास पर्याप्त टीके हैं, लेकिन हुथी उन्हें वितरित करने में बाधा डाल रहे हैं।
यमन का युद्ध 2014 में शुरू हुआ था, जिसने देश के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया है। हालांकि 2022 में एक युद्धविराम हुआ था, लेकिन हाल के महीनों में तनाव फिर से बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने हुथी विद्रोहियों से अपने कर्मचारियों को रिहा करने और सहायता समूहों पर से प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
| पक्ष | दावा/स्थिति |
|---|---|
| हुथी प्रशासन | यूनिसेफ ने राजनीतिक कारणों से आपूर्ति बंद की। |
| अदन सरकार | टीके उपलब्ध हैं, हुथी वितरण में बाधा डाल रहे हैं। |
| संयुक्त राष्ट्र | कर्मचारियों की हिरासत और छापेमारी के कारण संचालन बाधित। |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यमन में टीकों की कमी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण हुथी विद्रोहियों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के बीच विवाद है, जिसके कारण यूनिसेफ ने हुथी नियंत्रित क्षेत्रों में अपना संचालन रोक दिया है।
प्रश्न 2: कितने बच्चे इस संकट से प्रभावित हैं?
अनुमान है कि लगभग 50 लाख बच्चे नियमित टीकाकरण से वंचित हो गए हैं।