विजाग के गजुवाका में स्थापित होने वाली नई गणपति मूर्ति पर एक करोड़ रंगीन कंगन लगे होंगे, जो विनायक चविथी के मुख्य आकर्षण बनेंगे। इस पहल को SV एंटरटेनमेंट्स ने 'श्री दिव्य कंकना अलंकार महा गणपति' के थीम से तैयार किया है।

मुख्य बिंदु

  • गजुवाका में स्थापित नई प्रतिमा पर एक करोड़ कंगन लगे होंगे
  • SV एंटरटेनमेंट्स ने 'श्री दिव्य कंकना अलंकार महा गणपति' थीम चुनी
  • यह प्रतिमा विनायक चविथी 2026 का प्रमुख आकर्षण बनेगी

विवरण

विजाग के गजुवाका में स्थित श्री नगर पर SV एंटरटेनमेंट्स ने विशेष रूप से तैयार की गई महा गणपति प्रतिमा स्थापित की है। इस प्रतिमा को एक करोड़ रंग-बिरंगे कंगन से सजा कर ‘श्री दिव्य कंकना अलंकार महा गणपति’ कहा गया है, जो 14 सितंबर से शुरू होने वाले विनायक चविथी समारोह की शोभा बढ़ाएगा।

कंपनी के प्रवक्ता श्री गणेश ने बताया कि कंगनों का प्रयोग भक्ति, समृद्धि और भगवान गणेश के आशीर्वाद का प्रतीक है। पूरी प्रतिमा को कंगनों से सजाने की यह अवधारणा इस वर्ष के त्यौहार को एक अनूठा दृश्य बनाती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विजाग में हर साल गणेश उत्सव को नई रचनात्मकता के साथ मनाया जाता है। पिछले साल ‘श्री सुंदर वस्त्र महा गणेश’ प्रतिमा, जो एक लाख साड़ियों से बनी थी, लंका ग्राउंड्स में स्थापित की गई थी। इस परंपरा को जारी रखते हुए इस वर्ष कंगनों की सजावट को चुना गया है।

"इतने बड़े पैमाने पर कंगनों का प्रयोग भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई दिशा देता है," कला इतिहासकार डॉ. अरोड़ा ने कहा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि ऐसे बड़े‑पैमाने के सांस्कृतिक पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और आर्थिक लाभ लाते हैं। कंगनों की चमक और रंग शहर के दर्शकों को आकर्षित करेंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

क्या आप जानते हैं?: गणेश चतुर्थी के दौरान भारत में स्थापित सबसे बड़ी कंगन‑सज्जा प्रतिमा 2023 में मुंबई में देखी गई थी, जिसमें 75 लाख कंगन इस्तेमाल किए गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: प्रतिमा कब और कहाँ स्थापित की जाएगी?
उत्तर: यह प्रतिमा 14 सितंबर से गजुवाका के श्री नगर में स्थापित होगी।

प्रश्न 2: कंगनों की कुल संख्या कितनी है?
उत्तर: कुल एक करोड़ (10,000,000) रंगीन कंगन इस प्रतिमा को अलंकृत करेंगे।