चेन्नई मेट्रोवाटर अगले दो महीनों में मिंजुर डिसेलिनेशन प्लांट का आंशिक संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे उत्तरी चेन्नई में पानी की किल्लत दूर होगी।

मुख्य बातें

  • मिंजुर प्लांट का आंशिक संचालन दो महीने में शुरू होने की उम्मीद है।
  • शुरुआती चरण में प्रतिदिन 20 मिलियन लीटर (mld) पानी का उत्पादन किया जाएगा।
  • तिरुवोट्टियुर, मनाली और मदवारम क्षेत्रों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
  • नवंबर 2024 से परिचालन बंद होने के बाद अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।

चेन्नई की जल आपूर्ति व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार होने जा रहा है। चेन्नई मेट्रोवाटर ने घोषणा की है कि शहर के पहले डिसेलिनेशन प्लांट, मिंजुर डिसेलिनेशन प्लांट, का आंशिक संचालन अगले लगभग दो महीनों में शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि इस संयंत्र की कुल क्षमता 100 मिलियन लीटर प्रतिदिन (mld) है, लेकिन शुरुआती चरण में पानी की मांग को देखते हुए 20 mld उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

उत्तरी चेन्नई के कई इलाकों में पानी की समस्या एक बड़ी चुनौती रही है। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मिंजुर प्लांट के चालू होने से तिरुवोट्टियुर, मनाली और मदवारम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जलापूर्ति में भारी वृद्धि होगी। यह कदम गर्मियों के दौरान और बढ़ते शहरीकरण के बीच जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

मिंजुर प्लांट का पुनरुद्धार उत्तरी चेन्नई के जल संकट को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।

गौरतलब है कि यह प्लांट नवंबर 2024 में परिचालन से बाहर हो गया था। इसका मुख्य कारण परिचालन कंपनी के साथ अनुबंध संबंधी समस्याएं थीं, जिसके बाद अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। वर्तमान में, संयंत्र के बुनियादी ढांचे को ठीक करने का काम जारी है। मेट्रोवाटर के प्रबंध निदेशक टी. आनंद ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मिंजुर डिसेलिनेशन प्लांट चेन्नई की जल प्रबंधन रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाने की इसकी क्षमता शहर को प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद करती है। 2024 में परिचालन बंद होने के बाद, तकनीकी मरम्मत और आरओ (Reverse Osmosis) मेम्ब्रेन के पुनर्गठन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: डिसेलिनेशन प्रक्रिया समुद्र के खारे पानी से नमक निकालकर उसे पीने योग्य मीठा पानी बनाने की एक उन्नत तकनीक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. मिंजुर प्लांट की कुल क्षमता कितनी है?
इसकी कुल क्षमता 100 मिलियन लीटर प्रतिदिन (mld) है।

2. किन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ होगा?
मुख्य रूप से तिरुवोट्टियुर, मनाली और मदवारम क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा।