तमिलनाडु के पैनायंकुर्ची गांव के निवासियों ने चार पत्थर खदानों को बंद करने के लिए जिला कलेक्टर के सामने धरणा किया। साथ ही वे राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) से बकाया धान की रक़म की त्वरित भुगतान की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- पैनायंकुर्ची में चार पत्थर खदानों को बंद करने की मांग
- किसानों ने बकाया धान की राशि के लिए धरणा की
- खदानों के विस्फोट से जल स्तर गिरा, स्वास्थ्य संकट बढ़ा
तमिलनाडु के तिरुनेलवेड़ी जिले के अंबासमुद्रम तालुके स्थित पैनायंकुर्ची गांव के निवासियों ने सोमवार को जिला कलेक्टर आनंद मोहन के समक्ष एक याचिका पेश की, जिसमें चार पत्थर खदानों के लाइसेंस को रद्द करने की माँग की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थों के निरंतर उपयोग से घरों में दरारें पड़ रही हैं, बोरवेल जल दूषित हो रहा है और ग्रामीण सड़कों पर भारी ट्रकों से क्षति बढ़ रही है। जल स्तर 600 फीट से नीचे गिर चुका है, जिससे खेती के लिए आवश्यक जल की कमी हो रही है।
किसानों ने यह भी उजागर किया कि राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) द्वारा खरीदे गए धान की राशि अभी तक नहीं दी गई है। दाने की बिक्री से लगभग 1.86 लाख रुपये बकाया हैं, और किसान अब बैंक ऋण और ब्याज के बोझ से जूझ रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that unchecked quarrying not only jeopardizes rural livelihoods but also threatens regional groundwater sustainability, a critical issue for Tamil Nadu’s agrarian economy.
"पानी की कमी और वायु प्रदूषण दोनों ही दीर्घकालिक सामाजिक अस्थिरता का कारण बनेंगे," कहते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. रवींद्रन।
किसान डि. एब्राम ने बताया कि उन्होंने नौ महीने पहले 7.5 टन धान NCCF को बेचा था, लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि अगर देनदारियां नहीं चुकाई गईं तो 3 अगस्त को मनूर तालुका कार्यालय पर धरना किया जाएगा।
Frequently Asked Questions
Q: क्या खदानों को बंद करने की प्रक्रिया में कोई कानूनी बाधा है?
A: जिला प्रशासन को पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) के आधार पर लाइसेंस रद्द करने का अधिकार है, लेकिन यह प्रक्रिया अक्सर लंबी रहती है।
Q: किसानों को बकाया धान की राशि कब तक मिलनी चाहिए?
A: NCCF ने कहा है कि अगले दो हफ्तों में सभी बकाया राशियों का निपटारा किया जाएगा, लेकिन किसानों ने इसे लेकर अभी भी सतर्कता बरती है।