महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान न रखने वाले 777 ऑटो और टैक्सी चालकों को नोटिस जारी किया है। नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस रद्द होने का खतरा है।

  • महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 777 चालकों को मराठी भाषा की कमी के कारण नोटिस भेजा है।
  • कुल 5,211 चालकों का राज्य भर में परीक्षण किया गया, जिनमें से 3,942 मुंबई में थे।
  • चालकों को भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

महाराष्ट्र के परिवहन विभाग ने राज्य भर में चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के दौरान एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने उन 777 चालकों को आधिकारिक नोटिस जारी किया है, जो व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान रखने में विफल रहे हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए अनिवार्य की गई मराठी भाषा दक्षता के नियमों के तहत की गई है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किया कि यह अभियान 20 अगस्त से शुरू हुआ था, क्योंकि 15 अगस्त की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। निरीक्षण के दौरान मुंबई सहित पूरे राज्य में कुल 5,211 चालकों की जांच की गई। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा में काम करने वाले चालक स्थानीय भाषा में संवाद करने में सक्षम हों।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह कदम केवल भाषाई नहीं बल्कि प्रशासनिक और सांस्कृतिक एकीकरण का भी हिस्सा है। महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत, भाषा की दक्षता अब केवल एक कौशल नहीं बल्कि लाइसेंस बनाए रखने की एक कानूनी शर्त बन गई है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र में एक मानक भी स्थापित होगा।

'भाषा की अनिवार्यता व्यावसायिक लाइसेंस की एक बुनियादी शर्त बन गई है, जिसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'

निरीक्षण की प्रक्रिया काफी विस्तृत है। RTO मार्शल्स व्यस्त चौराहों जैसे दादर स्टेशन रोड और अंधेरी स्टेशन रोड पर जाकर चालकों से सीधे सवाल पूछते हैं। उनसे पूछा जाता है, "मीटर चालू करें," "कितना समय लगेगा?" या "ऑनलाइन भुगतान करेंगे?"। इन सवालों के माध्यम से उनकी व्यावहारिक समझ का परीक्षण किया जाता है और पूरी प्रक्रिया को वीडियो में रिकॉर्ड किया जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले 105 दिनों से, 'कोंकण मराठी साहित्य परिषद' और 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' द्वारा 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान' चलाया जा रहा था। इस अभियान के तहत लगभग 1.65 लाख चालकों ने प्रशिक्षण लिया और प्रमाण पत्र प्राप्त किए। यह अभियान भाषाई बाधाओं को दूर करने के लिए एक व्यापक सामाजिक प्रयास का हिस्सा रहा है।

Did You Know?: महाराष्ट्र में लगभग 4.62 लाख से अधिक रिक्शा और टैक्सी लाइसेंस धारक केवल मुंबई में कार्यरत हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि कोई चालक मराठी नहीं सीख पाता है तो क्या होगा?
उत्तर: यदि चालक निर्धारित समय सीमा के भीतर मराठी नहीं सीखता है, तो उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या पूरी तरह से रद्द किया जा सकता है।

प्रश्न 2: यह नियम किन ड्राइवरों पर लागू होता है?
उत्तर: यह नियम ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों, सभी पर लागू होता है।