बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा खाद्य सुरक्षा जांच में भेदभाव के आरोपों के बाद, बॉम्बे बार एसोसिएशन की कैंटीन ने अस्थायी रूप से सेवाएं बंद कर दी हैं। कोर्ट ने FDA से सभी सरकारी संस्थानों की जांच करने का निर्देश दिया है।
मुख्य बिंदु
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने FDA की चुनिंदा खाद्य सुरक्षा जांच पर सवाल उठाए हैं।
- बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) की कैंटीन ने स्वेच्छा से सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी हैं।
- कोर्ट ने मंत्रालय और हाई कोर्ट सहित सभी सरकारी कैंटीनों की जांच के आदेश दिए हैं।
- FDA को 31 जुलाई को निरीक्षणों का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के ठीक एक दिन बाद, हाई कोर्ट परिसर के भीतर वकीलों की एसोसिएशन द्वारा संचालित कैंटीन ने अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ जब अदालत ने खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने में 'पिक एंड चूज' (भेदभावपूर्ण) दृष्टिकोण अपनाने पर चिंता व्यक्त की थी।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को सुनवाई के दौरान, अदालत ने पूछा था कि क्या खाद्य सुरक्षा मानदंडों को समान रूप से लागू किया जा रहा है। कोर्ट ने FDA को निर्देश दिया कि वे मंत्रालय (मंत्रालय) और हाई कोर्ट सहित सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीनों का निरीक्षण करें और निरीक्षण की स्थिति के साथ-साथ वीडियो रिकॉर्डिंग भी अदालत में पेश करें।
गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को FDA अधिकारियों ने कैंटीन परिसर का दौरा किया। हालांकि, बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) के सचिव नौशाद इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि कैंटीन को बंद करने का निर्णय एसोसिएशन द्वारा स्वेच्छा से लिया गया है और इसके पीछे FDA का कोई प्रतिकूल आदेश या नोटिस नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दक्षिण मुंबई स्थित कैंटीन में सेवाएं जल्द ही फिर से शुरू हो जाएंगी।
BozokMedia विश्लेषण: पारदर्शिता की आवश्यकता
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक कैंटीन के बंद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी नियामक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही से जुड़ा है। जब न्यायिक संस्थान स्वयं खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं, तो यह प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा प्रभाव डालता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन केवल निजी होटलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकारी संस्थानों को भी इसमें मिसाल पेश करनी चाहिए।
सरकारी वकील नेहा भिडे ने अदालत को बताया कि FDA का दृष्टिकोण चुनिंदा नहीं है और बीएमसी (BMC), केईएम अस्पताल और क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख संस्थानों की भी जांच की गई है। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होनी है, जहां FDA को पूरे राज्य में किए गए निरीक्षणों का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के तहत, सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को सख्त मानकों का पालन करना अनिवार्य है। पिछले कुछ वर्षों में, सार्वजनिक संस्थानों में स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता को लेकर कई बार कानूनी चुनौतियां पेश की गई हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या FDA ने वकीलों की कैंटीन को बंद करने का आदेश दिया था?
नहीं, बॉम्बे बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि कैंटीन को बंद करने का निर्णय एसोसिएशन द्वारा स्वेच्छा से लिया गया है।
2. हाई कोर्ट ने FDA को क्या निर्देश दिए हैं?
कोर्ट ने FDA को सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीनों का निरीक्षण करने और उसका वीडियो प्रमाण देने का निर्देश दिया है।