पुणे में खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेशमा पांधी की बर्खास्तगी का आदेश वापस ले लिया गया है। भारी जन आक्रोश और कार्यकर्ता के माफीनामा के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

  • पुणे जिला परिषद ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेशमा पांधी की बर्खास्तगी का निर्णय वापस लिया।
  • कार्यकर्ता ने खराब गुणवत्ता वाले सफेद मटर के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाया था।
  • प्रशासन ने अनुशासनहीनता और कार्य समय के दौरान रील बनाने का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी।
  • विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया और इसे गलत निर्णय बताया।

पुणे जिले के आंबेगांव तालुका के नंबरवाड़ी में तैनात आदिवासी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेशमा उर्फ देवयानी पांधी को प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। पिछले दिनों खराब गुणवत्ता वाले खाद्य सामग्री, विशेष रूप से सफेद मटर की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के कारण उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, बढ़ते जन आक्रोश और कार्यकर्ता द्वारा लिखे गए माफीनामे के बाद, पुणे जिला परिषद के सीईओ ने बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया है।

मामले की जड़ में पांधी द्वारा बनाए गए कुछ सोशल मीडिया रील्स हैं, जिनमें उन्होंने दिखाया था कि आंगनवाड़ी में मिलने वाले सफेद मटर इतने खराब थे कि 10 सीटी तक प्रेशर कुकर में पकाने के बाद भी वे नहीं पके। उन्होंने आरोप लगाया था कि बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पौष्टिक नहीं है और माता-पिता भी इसकी शिकायत कर रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला सरकारी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और कर्मचारियों के अभिव्यक्ति के अधिकार के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। एक तरफ जहाँ प्रशासन अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा और बच्चों के पोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उठाई गई आवाज को दबाने के आरोपों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।

'यह मामला प्रशासन और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास की कमी को उजागर करता है।'

पुणे जिला परिषद के सीईओ गजानन पाटिल ने स्पष्ट किया कि बर्खास्तगी का निर्णय मीडिया कवरेज के कारण नहीं, बल्कि उनके व्यवहार के कारण लिया गया था। उन्होंने कहा कि पांधी कार्य समय के दौरान बार-बार रील बनाती थीं, जो कि अनुशासनहीनता है। हालांकि, पांधी ने अपनी 18 वर्षों की सेवा का हवाला देते हुए एक लिखित माफीनामा सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करना था।

ICDS आयुक्त माधवी सारदेशमुख ने बताया कि प्रशासन को पांधी के व्यवहार के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफेद मटर के स्थान पर अब हरे मटर की व्यवस्था की जा रही है और वितरण अगले सप्ताह से शुरू होगा।

Did You Know?: आंगनवाड़ी सेवाएं भारत में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए एकीकृत बाल विकास सेवाओं (ICDS) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

Frequently Asked Questions

1. रेशमा पांधी को क्यों बर्खास्त किया गया था?
प्रशासन के अनुसार, उन्हें कार्य समय के दौरान सोशल मीडिया रील बनाने और अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त किया गया था।

2. क्या खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर कार्रवाई हुई?
हाँ, प्रशासन ने बताया कि सफेद मटर की जगह अब हरे मटर का वितरण शुरू किया जा रहा है।