संयुक्त राज्य अपील कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन की याचिका को अस्वीकार कर नई $100,000 एच-1बी वीज़ा शुल्क के कार्यान्वयन को रोकने से इनकार कर दिया। यह निर्णय अमेरिकी कंपनियों और विदेशी तकनीकी प्रतिभा दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।

Key Takeaways

  • अमेरिकी अपील कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन की याचिका खारिज कर दी
  • नया $100,000 H-1B शुल्क लागू रहेगा
  • निर्णय कंपनियों और विदेशी प्रतिभा पर असर डालेगा

मुख्य खबर

नाइनथ सर्किट कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, जिससे $100,000 की नई H-1B वीज़ा शुल्क का कार्यान्वयन जारी रहेगा। अदालत ने कहा कि प्रशासन ने इस शुल्क को रोकने के लिये पर्याप्त कानूनी आधार नहीं दिखाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

H-1B वीज़ा कार्यक्रम 1990 के दशक में पेश किया गया था ताकि अमेरिकी कंपनियां विदेशी कुशल कार्यकर्ताओं को आकर्षित कर सकें। पिछले दशक में, शुल्क कई बार बढ़ाया गया है, लेकिन इस बार का $100,000 शुल्क सबसे बड़ा और विवादास्पद रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the ruling could deter small and medium‑sized enterprises from hiring overseas talent, potentially slowing innovation in sectors like tech and engineering.

"यह निर्णय H-1B वीज़ा बाजार में बड़ी अनिश्चितता पैदा करेगा," कहा एक इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: 2020 में H-1B वीज़ा आवेदनों की संख्या 85,000 थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

Frequently Asked Questions

  • नया शुल्क कब लागू होगा? कोर्ट ने कहा कि यह निर्णय तुरंत प्रभावी है, और कंपनियों को अगले वित्तीय वर्ष से इस शुल्क का भुगतान करना होगा।
  • क्या यह निर्णय अन्य वीज़ा श्रेणियों को प्रभावित करेगा? वर्तमान में केवल H-1B वीज़ा पर ही यह लागू है, लेकिन इसी तरह के शुल्क अन्य श्रेणियों में भी लागू हो सकते हैं।