सफदरजंग अस्पताल ने कहा कि वायरल वीडियो 21 जुलाई का है, जो हाई कोर्ट के लिखित आदेश से पहले बनाया गया था। अस्पताल ने बताया कि आदेश के बाद ही सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के अस्पताल में सौंपा गया।

मुख्य बिंदु

  • वीडियो 21 जुलाई का है
  • हाई कोर्ट के लिखित आदेश से पहले रिकॉर्ड किया गया
  • प्रक्रिया कोर्ट के निर्देशानुसार पूरी हुई

वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि

सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया, जिससे अस्पताल पर सार्वजनिक दबाव बना। वीडियो में वांगचुक को अस्पताल छोड़ने की जिद दिखाते हुए दिखाया गया, जिससे कई सवाल उठे।

सफदरजंग अस्पताल का आधिकारिक बयान

अस्पताल ने स्पष्ट किया कि यह क्लिप 21 जुलाई की है, जो उस समय की है जब अस्पताल को दिल्ली हाई कोर्ट का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। इसलिए, रिकॉर्डिंग उस प्रतिबंधित क्षेत्र में हुई जहाँ कैमरा लगाना अनुमति नहीं है।

हाई कोर्ट के आदेश मिलने के बाद, शाम 6:40 बजे, सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के अस्पताल की डॉक्टरों की टीम को विधिवत सौंप दिया गया। अस्पताल ने कहा कि यह सभी कदम कोर्ट के आदेश के अनुसार उठाए गए।

परिवार की प्रतिक्रिया

वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि जे. आंगमो ने X (पूर्व ट्विटर) पर सवाल उठाया कि अस्पताल के भीतर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद है। उन्होंने कहा कि मुख्य गेट, रिसेप्शन, लिफ्ट और ICU के बाहर पुलिस तय कर रही है कि कौन मरीज से मिल सकता है।

Historical Background

सोनम वांगचुक पहले भी जंतर-मंतर में छात्रों के साथ विरोध में शामिल रहे थे, जहाँ उनका हंगर स्ट्राइक राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा बना। इस प्रकार, उनके स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे अक्सर सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करते रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the incident underscores the tension between judicial orders and administrative actions in high‑profile medical cases, highlighting potential overreach of law‑enforcement in healthcare settings.

Legal experts say the court order removes any legal basis for detention, making police presence questionable.
Did You Know?: सफदरजंग अस्पताल 1959 में स्थापित हुआ था और यह भारत के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है।

Frequently Asked Questions

  • क्या सोनम वांगचुक अब हिरासत में हैं? नहीं, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह हिरासत में नहीं हैं।
  • अदालत के आदेश के बाद अस्पताल में प्रक्रिया क्या हुई? आदेश के अनुसार, उन्हें तुरंत चिकित्सीय देखभाल के लिए गुरुग्राम के अस्पताल में सौंप दिया गया।