श्रीलंका के डेविनुवारा में एसेला महोत्सव के दौरान कावडी अनुष्ठान को दो गैंगों के बीच के झड़प और संभावित ड्रोन हमले की चेतावनी के कारण रद्द किया गया। यह कदम दर्शाता है कि देश की अंडरवर्ल्ड टकराव धार्मिक समारोहों में भी प्रवेश कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • डेविनुवारा एसेला महोत्सव में कावडी अनुष्ठान रद्द
  • गैंगों के बीच सशस्त्र टकराव की चेतावनी मिली
  • ड्रोन एवं हथियारों के संभावित हमले को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ी

श्रीलंका के दक्षिणी शहर डेविनुवारा में आयोजित एसेला महोत्सव, जो 13वीं सदी से चलता आ रहा है, इस साल एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान – कावडी – को बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के रद्द कर दिया गया। पुलिस ने मातारा जिला सचिव को सुरक्षा कारणों से इस निर्णय को लागू करने का निर्देश दिया।

इंटेलिजेंस एजेंसियों के अनुसार, इस रद्दीकरण का कारण दो अंतरराष्ट्रीय ड्रग गैंगों के प्रमुख शेख़ान सथसारा और कंजिपानी इमरान के बीच चल रहा दुश्मनी है। दोनों गैंगों के सदस्य ने फोन के जरिए एक-दूसरे को धमकी दी थी, और इस वर्ष कावडी अनुष्ठान का कॉन्ट्रैक्ट सथसारा के अनुयायियों को मिला था, जिससे तनाव और बढ़ गया।

कावडी, एक पारम्परिक कृत्य है जिसमें भक्त सजावटी लकड़ी के ढाँचे को कंधों पर लेकर ड्रम और भजन के साथ नृत्य करते हैं। मार्च 2025 में इमरान के गैंग के दो संदेहित सदस्य को मंदिर के सामने गोली मार कर मारा गया था, और पाँच दिन पहले अनजान गनमैन ने मंदिर के पास एक घर पर गोलीबारी की थी, जिससे इस क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति स्पष्ट हुई।

पुलिस को संभावित सशस्त्र या ड्रोन हमले की सूचना मिलने के बाद, इन्स्पेक्टर जनरल ने कड़े सुरक्षा उपाय अपनाए, जिसमें कावडी प्रदर्शन को रद्द करना भी शामिल था। इस निर्णय का उद्देश्य सदियों पुरानी इस सांस्कृतिक महफ़िल को हिंसा से बचाना था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

एसेला महोत्सव का इतिहास 13वीं सदी तक जाता है, जब इसे भगवान विष्णु की पूजा के रूप में शुरू किया गया था। दशकों से यह स्थानीय लोगों व विदेशियों के लिये एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण रहा है, जिसमें कावडी जैसे अनुष्ठान प्रमुख स्थान रखते थे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the infiltration of organized crime into revered festivals threatens not only public safety but also erodes cultural heritage, prompting authorities worldwide to reassess security protocols for mass gatherings.

"जब अपराधी समूह धार्मिक कार्यक्रमों को हथिया लेते हैं, तो सामाजिक संतुलन ही नहीं, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी जोखिम में पड़ती है," कहते हैं सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनिल मदन।
क्या आप जानते हैं?: एसेला महोत्सव के दौरान कावडी अनुष्ठान को पहली बार 19वीं सदी में औपनिवेशिक दस्तावेजों में दर्ज किया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या कावडी अनुष्ठान फिर से आयोजित किया जाएगा?

उत्तर: अभी तक कोई निश्चित निर्णय नहीं लिया गया है; सुरक्षा स्थिति के अनुसार भविष्य में पुनः विचार किया जा सकता है।

प्रश्न 2: स्थानीय जनता इस रद्दीकरण पर कैसे प्रतिक्रिया दे रही है?

उत्तर: कई लोग सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक भावनाओं के कारण निराशा व्यक्त कर रहे हैं।