कर्नाटक की एक NEET उम्मीदवार ने कहा कि उसके OMR शीट में 41 के बजाय 165 प्रश्नों के उत्तर दर्ज हुए, जिससे परिणाम में भारी गिरावट आई। अब छात्रा ने परीक्षा प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्य बिंदु
- कर्नाटक की NEET उम्मीदवार ने OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाया
- उम्मीदवार का दावा है कि 41 के बजाय 165 प्रश्नों का उत्तर दर्ज हुआ
- परिणाम में बड़े अंतर के कारण न्यायिक कार्रवाई की संभावना
कर्नाटक की 17‑वर्षीय छात्रा, जिसने NEET UG परीक्षा में 663 अंक की आशा की थी, ने परिणाम में आश्चर्यजनक गिरावट के बाद OMR शीट में त्रुटि का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि उसने केवल 41 प्रश्न हल किए थे, जबकि OMR मशीन ने 165 प्रश्नों के उत्तर दर्ज कर लिए।
इस अंतर के कारण उसके कुल अंक 609 से घटकर 167 तक गिर गए, जिससे उसकी वैधता पर प्रश्न उठे। छात्रा ने तुरंत परीक्षा प्राधिकरण को लिखित शिकायत भेजी और मामले की जांच की मांग की।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले वर्षों में भी NEET OMR प्रक्रिया को लेकर कई बार विवाद उभरे हैं। 2022 में एक समान शिकायत में उम्मीदवारों ने बताया था कि स्कैनिंग त्रुटियों से कई छात्रों के अंक कम हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप पुनः मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that any perceived irregularity in high‑stakes exams like NEET can erode public trust and trigger policy reviews, potentially influencing future digital assessment protocols across India.
"OMR स्कैनिंग में त्रुटियों को रोकने के लिए निरंतर तकनीकी अपडेट और स्वतंत्र ऑडिट आवश्यक हैं," प्रो. सुनीता शर्मा, शैक्षिक नीति विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या छात्रा को पुनः मूल्यांकन का अधिकार है?
उत्तर: हाँ, उम्मीदवार NEET के नियमों के तहत त्रुटि सिद्ध होने पर पुनः मूल्यांकन या पुनः परीक्षा की मांग कर सकते हैं।
प्रश्न 2: इस मामले में किसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
उत्तर: प्राथमिक जिम्मेदारी परीक्षा बोर्ड और OMR स्कैनिंग कंपनी पर होगी, यदि तकनीकी दोष सिद्ध होता है।