सावन के तीसरे सोमवार को 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पावन संयोग होगा। इस अद्वितीय मिलन से शिव आराधना और नाग पूजन दोनों के फल कई गुना बढ़ते हैं। शुभ मुहूर्त और सरल विधि जानें।

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मुख्य बातें

  • सावन सोमवार पर नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग
  • शिव‑नाग पूजन से सर्प दोष मुक्ति
  • सुबह 06:04‑08:39 बजे शुभ पूजा समय

अवधारणा और तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 अगस्त की शाम 04:52 बजे से 17 अगस्त 05:00 बजे तक सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी चलती है, जिससे कल (17 अगस्त) नाग पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन शिव के गले में नाग देवता की आभूषण सजावट के कारण शिव आराधना का फल कई गुना बढ़ जाता है।

शुभ पूजा समय

पंचांग के अनुसार, सुबह 06:04 बजे से 08:39 बजे तक का समय पूजा‑अर्चना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। स्थानीय सूर्योदय के अनुसार इसमें कुछ क्षणिक अंतर हो सकता है।

पूजा विधि और विशेष उपाय

स्नान‑संकल्प के बाद, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल अर्पित करें। शिव पुराण के अनुसार, नीले रंग का अपराजिता पुष्प (नील पुष्प) शिवलिंग पर चढ़ाना जीवन से दरिद्रता दूर कर धन‑सम्पदा लाता है। नाग देवता की प्रतिमा पर फूल, अक्षत, धूप‑दीप और नैवेद्य अर्पित करके कथा‑आरती समाप्त करें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नाग पंचमी का उल्लेख प्राचीन ग्रन्थों में मिलता है, जहाँ इसे विष्णु‑नाग के मिलन और सर्प दोष शमन के अवसर के रूप में मनाया जाता था। समय‑समय पर विभिन्न क्षेत्रों में नाग पूजा के अनुष्ठान और सामाजिक महत्व बदलता रहा, परन्तु आज भी यह धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रचलित है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the convergence of Sawan Monday and Nag Panchami amplifies devotional fervor, encouraging millions to partake in combined Shiva‑Naga rituals, which in turn boosts temple footfall and related economic activity.

"सावन सोमवार पर नाग पंचमी का संयोग शनि‑शिव भक्तों के लिए अनुष्ठानिक शक्ति का द्विगुणित स्रोत है," कहते हैं ज्योतिषी डॉ. अंजली सिंह।
Did You Know?: प्राचीन काल में नाग पंचमी को कृषि‑उत्पादन बढ़ाने के लिए भी मनाया जाता था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस दिन जीवित साँप पकड़ कर पूजा करनी चाहिए?

उत्तर: नहीं, जीवित साँप को पकड़ना वर्जित है; केवल प्रतीकात्मक प्रतिमा या चित्र का उपयोग करें।

प्रश्न 2: क्या इस विशेष दिन व्रत रखना आवश्यक है?

उत्तर: व्रत अनिवार्य नहीं, परन्तु स्वच्छता और संकल्प के साथ स्नान‑संकल्प करने से मनोकामनाएँ शीघ्र पूर्ण होती हैं।