कर्नाटक के मुख्यमंत्री D.K. शिवकुमार ने 200 से अधिक ग्लोबल क्षमता केंद्र (GCC) के नेताओं से मुलाकात कर 500 नई GCCs को आकर्षित करके 2029 तक 3.5 लाख उच्च‑गुणवत्ता वाली नौकरियां और $50 अर्ब का आर्थिक उत्पादन बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
बेंगलुरु में आयोजित KATALYST CONNECT कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री D.K. शिवकुमार ने 200 से अधिक ग्लोबल क्षमता केंद्र (GCC) के प्रमुखों, कॉरपोरेट नेताओं और सरकारी अधिकारियों से मिलकर राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की अगली दिशा तय की। इस मंच पर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रतिभा विकास, बुनियादी ढांचा और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
नीति‑प्रेरित विस्तार का ढांचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार 2029 तक 500 नई GCCs को राज्य में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल 3.5 लाख नौकरी अवसर प्रदान करेगी, बल्कि $50 अर्ब का आर्थिक उत्पादन भी उत्पन्न करेगी – जो राज्य की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये सरकार ने एक व्यापक नीति पैकेज तैयार किया है, जिसमें आसान अनुमोदन प्रक्रियाएँ, कर प्रोत्साहन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए विशेष फंड शामिल हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश
शिवकुमार ने 123 किमी लंबी बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर के निर्माण के लिये ₹26,000 करोड़ की पहली चरण की योजना का खुलासा किया। इसके अतिरिक्त, हेब्बल के पास एक छोटा टनल प्रोजेक्ट और 40 किमी लंबा टनल रोड भी शुरू किया गया है। शहर के भीतर 44 किमी डबल‑डेकर फ़्लायओवर और 133 किमी फ़्लायओवर परियोजनाओं को लेकर कुल ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा। इन बुनियादी ढांचा पहलों से न केवल GCCs को आकर्षित किया जाएगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
उद्योग की भागीदारी और वैश्विक जुड़ाव
गूगल, टारगेट, इंटेल, आईबीएम, नोकिया, बोश, जेपी मॉरगन, एचएसबीसी, शेवरॉन, फ़िलिप्स, थर्मो फिशर, टाकेडा, नोवो नॉर्डिस्क, रोल्स‑रॉयस, रैथियन, फोर्ड, ईबे, कार्ल ज़ैस, कॉलिन्स एयरोस्पेस, जॉनसन कंट्रोल्स और मैर्स्क जैसी विश्व स्तरीय कंपनियों ने इस बैठक में भाग लिया। इन कंपनियों की उपस्थिति कर्नाटक को विश्व स्तर पर एक प्रमुख GCC हब के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं को सुदृढ़ करती है।
टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में समान अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक केवल बेंगलुरु पर ही नहीं, बल्कि टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में भी दोहरी FAR (फ़्लोर एरिया रेशियो) की अनुमति देकर मल्टी‑स्टोरी बिल्डिंग्स का विकास प्रोत्साहित करेगा। इससे किराए की लागत आधे डॉलर तक घटेगी, जिससे छोटे शहरों में भी उच्च‑गुणवत्ता वाली नौकरियों की सृजन में तेजी आएगी।
इन सभी कदमों से कर्नाटक न केवल भारत में GCCs का केंद्र बनना चाहता है, बल्कि वैश्विक तकनीकी नवाचार, AI‑आधारित उत्पाद विकास और अनुसंधान में भी अग्रणी बनना चाहता है। यह रणनीतिक दृष्टिकोण राज्य की आर्थिक विविधता को बढ़ाएगा और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।