स्नैपमिंट ने एक ग्राहक को पिज़न ब्रांड का इन्डक्शन कुकटॉप नहीं, बल्कि टूटे हुए किसी अन्य ब्रांड का उत्पाद भेजा। जमीनी अदालत ने कंपनी को ₹22,000 क्षतिपूर्ति और पूरी राशि की वापसी का आदेश दिया।

जम्मू‑कश्मीर के श्रीनगर उपभोक्ता आयोग ने एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफ़ॉर्म, स्नैपमिंट, को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक प्रथा के लिए उत्तरदायी ठहराया। ग्राहक हामिद गुलज़र ने 2023 में पिज़न ब्रांड का इन्डक्शन कुकटॉप ऑर्डर किया था, परंतु उन्हें एक टूटे हुए, अलग ब्रांड और मॉडल का उपकरण मिला। आयोग ने कंपनी को उत्पाद बदलने या ₹1,819 की पूरी राशि वापस करने और साथ ही ₹22,000 की क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया।

घटना का क्रम

गुलज़र ने बताया कि उन्होंने स्नैपमिंट के माध्यम से कुल ₹1,918 (EMI सहित) का भुगतान किया था। पैकेज खोलते ही उन्होंने पाया कि कुकटॉप न केवल टूटा हुआ था, बल्कि वह वह ब्रांड या मॉडल नहीं था जिसे उन्होंने ऑर्डर किया था। तुरंत उन्होंने स्नैपमिंट को शिकायत दर्ज कराई और उत्पाद बदलने की मांग की। कंपनी ने अनबॉक्सिंग वीडियो की माँग की, जिसे ग्राहक ने प्रदान किया, और कई दिनों में समस्या सुलझेगी ऐसा भरोसा दिलाया। लेकिन एक महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आयोग की जांच और निर्णय

श्रीनगर उपभोक्ता आयोग ने खुले कोर्ट में कुकटॉप की जाँच की और पाया कि वह नॉन‑फ़ंक्शनल है और ऑर्डर की गई ब्रांड‑मॉडल से मेल नहीं खाता। स्नैपमिंट ने न तो सुनवाई में भाग लिया और न ही लिखित उत्तर प्रस्तुत किया, जिससे उसकी स्थिति और कमजोर हुई। आयोग ने कंपनी को दो विकल्प दिए: दोषपूर्ण उपकरण को उसी ब्रांड‑मॉडल के नए यूनिट से बदलना या खरीदी गई राशि की पूरी वापसी करना। इसके अतिरिक्त, ग्राहक को मानसिक पीड़ा, कष्ट और उत्पीड़न के लिए ₹20,000 और मुकदमे की लागत के रूप में ₹2,000 अतिरिक्त भुगतान करने का आदेश दिया गया।

व्यापक प्रभाव

यह निर्णय ऑनलाइन मार्केटप्लेस की जवाबदेही को सुदृढ़ करता है। ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म को केवल उत्पाद की डिलीवरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए; उन्हें ग्राहक शिकायतों का त्वरित समाधान भी देना अनिवार्य है। यदि वे गलत या दोषपूर्ण वस्तु भेजते हैं और समय पर सुधार नहीं करते, तो उन्हें सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक प्रथा के तहत दंडित किया जा सकता है। यह नयी दिशा उपभोक्ता अधिकारों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ई‑कॉमर्स उद्योग में भरोसेमंद लेन‑देनों को प्रोत्साहित करेगी।

उपभोक्ता के लिए सलाह

ऐसी स्थितियों में उपभोक्ता अपने राज्य के उपभोक्ता हेल्पलाइन (जम्मू‑कश्मीर: 1800‑180‑7114) या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915) से संपर्क कर सकते हैं। समय पर शिकायत दर्ज कराना और सभी संवादों का रिकॉर्ड रखना समाधान की प्रक्रिया को तेज़ बनाता है।