साइबराबाद नगर निगम द्वारा 11 जुलाई 2026 को चलाए गए कब्जा हटाने अभियान के बाद गचिबोली के DLF फूड स्ट्रीट पर 48 अस्थायी स्टॉल, कैनोपी और साइनेबोर्ड को नष्ट कर दिया गया। इससे कई व्यापारियों को अचानक नुकसान और साफ-सफाई के खर्चे का सामना करना पड़ा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 48 अस्थायी संरचनाओं और कैनोपी का नाश हुआ।
- विक्रेताओं को अचानक व्यापार बंदी और सफाई के खर्चे का सामना करना पड़ा।
- कब्जा सीमा पर मालिकों और नगर निगम के बीच विवाद जारी है।
गचिबोली के प्रतिष्ठित DLF फूड स्ट्रीट, जो आईटी कर्मचारियों और शहरभर के खाने के शौकीनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है, 11 जुलाई 2026 को सुबह एक वीरान दृश्य के रूप में सामने आया। साइबराबाद नगर निगम (CMC) द्वारा संचालित कब्जा हटाने अभियान के बाद, सड़क के किनारे कचरे के ढेर और जले हुए स्टॉल के अवशेष दिखाई देने लगे।
कब्जा हटाने अभियान की पृष्ठभूमि
साइबराबाद के नगर निगम ने पिछले तीन दिनों से चेतावनी जारी की थी कि सार्वजनिक फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर फैले अस्थायी स्टॉल और कैनोपी को हटाया जाएगा। यह कदम शहर की सड़कों की साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। लेकिन कई व्यापारियों के लिए यह निर्णय एक अनपेक्षित आपदा साबित हुआ।
विक्रेताओं पर प्रभाव
पंकज, जो Al Noor Tandoori Chai के लिए जूस सेंटर चलाते हैं, ने अपने टेढ़े-मेढ़े टेहनी स्टॉल के नष्ट होने की कहानी साझा की। "सभी नाम बोर्ड हटाने को कहा गया, ताकि उन्हें नष्ट होने के दौरान नुकसान न हो," उन्होंने बताया। इसी तरह, शील कमाल रेस्तरां के बाहर स्थापित कबाब काउंटर और श्री विंदा टिफ़िन के कैनोपी को भी नष्ट कर दिया गया।
मालिकों और नगर निगम के बीच विवाद
कई व्यापारियों ने दावा किया कि हटाया गया क्षेत्र उनके संपत्ति के सीमाओं से परे था। "हमने मालिक से सीमा के बारे में चर्चा की और केवल उस हिस्से को हटाया जो सीमा के बाहर था," एक दुकान मालिक ने कहा। फिर भी, नगर निगम ने उन हिस्सों को भी नष्ट कर दिया, जो उनके अनुसार वैध थे। इससे मालिकों और नगर निगम के बीच एक तीव्र विवाद उत्पन्न हुआ।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
विक्रेताओं को न केवल व्यापार बंदी का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें खुद ही कचरे को साफ करने के लिए अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा। एक अन्य कबाब स्टॉल मालिक ने बताया कि बिजली कटौती और पावर लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से भी व्यापार पर असर पड़ा। इसके अलावा, गचिबोली के प्रमुख सड़क बंदी के कारण फुटफॉल में कमी आई, जिससे कई स्टॉलों की आय पर असर पड़ा।
भविष्य की दिशा
साइबराबाद नगर निगम को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले सभी पक्षों से परामर्श किया जाए और व्यापारियों को पर्याप्त सूचना दी जाए। साथ ही, संपत्ति मालिकों को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे अपने किरायेदारों को अनधिकृत कब्जे के जोखिम के बारे में सचेत रखें। यदि ये कदम नहीं उठाए गए, तो गचिबोली के DLF फूड स्ट्रीट के जीवंत व्यापार को आगे भी खतरा हो सकता है।