कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सादानंद गोव्डा ने एरसीनट किसानों की मांग पर तांबे के सल्फेट की जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% करने की आशा जताई। उन्होंने केंद्र को गुणवत्ता‑आधारित परीक्षण लैब और विस्तृत शोध रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कर्नाटक के किसानों ने तांबे के सल्फेट पर GST घटाने की मांग की।
  • पूर्व मुख्यमंत्री सादानंद गोव्डा ने केंद्र की सकारात्मक प्रतिक्रिया की आशा व्यक्त की।
  • CAMPCO ने वैश्विक बाजार में गुणवत्ता‑मुक्त उत्पादों के लिए नई रणनीतियों की घोषणा की।

मंगलूरु में केन्द्रीय एरसीनट और कोको मार्केटिंग एवं प्रोसेसिंग कोऑपरेटिव लिमिटेड (CAMPCO) के संस्थापक दिवस और संस्थापक अध्यक्ष वरनाशी सुबाया भाट की शताब्दी जयंती समारोह के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सादानंद गोव्डा ने केंद्र सरकार से तांबे के सल्फेट पर जीएसटी में कट की उम्मीद जताई। यह फंगीसाइड मुख्यतः एरसीनट बागानों में उपयोग होता है और वर्तमान में 18% की दर पर कराधान किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि और आर्थिक महत्व

एरसीनट, जिसे सुपारी भी कहा जाता है, कर्नाटक की प्रमुख नकद फसल है। 2020‑2023 के बीच इस फसल की कीमत में तीव्र उतार‑चढ़ाव ने किसानों को गंभीर आर्थिक दबाव में डाल दिया। 1973 में स्थापित CAMCO ने मूल्य स्थिरीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, परन्तु अब उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और आयातित कम‑गुणवत्ता वाले एरसीनट ने नई चुनौतियां प्रस्तुत की हैं।

केंद्रीय सरकार से अपेक्षित कदम

गोव्डा ने बताया कि किसानों ने वित्त मंत्री निर्मला सिथारमन को औपचारिक रूप से 5% GST की दर लागू करने की याचिका भेजी है। उन्होंने इस मांग के साथ एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया, जिसमें एरसीनट की गैर‑कैंसरजनक प्रकृति और तांबे के सल्फेट के पर्यावरणीय प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन शामिल है। साथ ही, सभी प्रमुख बंदरगाहों में एरसीनट की गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।

CAMPCO की वैश्विक रणनीति

CAMPCO के अध्यक्ष एस.आर. सतिश्चर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार अब भारत के रासायनिक‑मुक्त और गुणवत्ता‑सुरक्षित उत्पादों की ओर झुक रहा है। एरसीनट के अलावा, कोको और चॉकलेट उत्पादन में भी सहकारिता विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की योजना बना रही है। नई लॉन्च की गई CAMPCO ऐप, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)‑सहायता से किसानों को रीयल‑टाइम सलाह देगी, इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि केंद्र सरकार 5% GST कट को मंजूरी देती है, तो एरसीनट किसानों को लागत में उल्लेखनीय कमी और अंतरराष्ट्रीय निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल कर्नाटक की कृषि आर्थिकता को सुदृढ़ करेगा, बल्कि भारत के कृषि‑उद्योग को भी वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।