दुबई के आवासीय संपत्ति बाजार ने 2026 की पहली छमाही में 16% बिक्री गिरावट देखी, जबकि कीमतें 4‑7% घटीं। यह मंदी पश्चिम एशिया में बढ़ती भू‑राजनीतिक तनाव के कारण खरीदारों के भरोसे में कमी से उत्पन्न हुई, फिर भी 2024 की पहली छमाही की तुलना में बिक्री 15% अधिक रही।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 2026 की पहली छमाही में दुबई की आवासीय बिक्री में 16% गिरावट
- फरवरी‑अप्रैल में कीमतें 4‑7% तक घटीं
- 2025 में रिकॉर्ड AED 547 बिलियन की बिक्री, 150+ देशों के खरीदारों ने हिस्सा लिया
दुबई के रियल एस्टेट परिदृश्य ने 2026 की शुरुआत में अप्रत्याशित ठहराव का सामना किया, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते भू‑राजनीतिक तनाव ने खरीदारों की भावना को हिला दिया। प्रमुख रियल एस्टेट सलाहकार अनारॉक के अनुसार, जनवरी‑जून अवधि में आवासीय लेन‑देन AED 225.7 बिलियन पर पहुँचे, जो 2025 के ऐतिहासिक स्तरों से नीचे गिरा।
बिक्री में गिरावट और कीमतों का दबाव
वर्ष‑दर‑वर्ष तुलना में 16% की गिरावट संकेत देती है कि निरंतर आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों के निर्णय को प्रभावित किया। कीमतों में 4‑7% की कमी फरवरी से अप्रैल के बीच दर्ज की गई, जब क्षेत्र में सैन्य‑राजनीतिक टकराव ने अस्थायी रूप से मांग को ठंडा कर दिया। फिर भी, औसत आवासीय कीमतें लगभग AED 1,900 प्रति वर्ग फुट बनी रहीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा ऊँचा था।
बाजार की मौलिक शक्ति और आशावाद
अनारॉक के मध्य‑पूर्व रेजिडेंशियल सीईओ आयुश पुरी ने कहा कि गिरावट का मुख्य कारण भावनात्मक अस्थिरता है, न कि मूलभूत मांग में कमजोरी। उन्होंने आगे कहा, “2026 की शुरुआती महीनों में दुबई का बाजार regional uncertainty के शिखर पर परीक्षण किया गया, परंतु संरचनात्मक ताकतें और दीर्घ‑कालिक निवेश आकर्षण ने इसे स्थिर रखा है।” cease‑fire की पहल के साथ खरीदारों का भरोसा धीरे‑धीरे वापस आया, जिससे कीमतें स्थिर रही और मांग में धीरे‑धीरे सुधार दिखा।
2025: रिकॉर्ड वर्ष की पृष्ठभूमि
2025 में दुबई ने असाधारण वृद्धि देखी, कुल बिक्री AED 547 बिलियन तक पहुँच गई और 206,166 लेन‑देनों को दर्ज किया गया। 150 से अधिक देशों के निवेशकों ने इस बाजार में प्रवेश किया, जिसमें भारतीय खरीदारों का हिस्सा 22% के साथ सबसे बड़ा रहा, उसके बाद यूके (17%) और चीन (14%) ने क्रमशः हिस्सा लिया। 2025 में 129,600 से अधिक नए निवेशकों ने दुबई की संपत्तियों में निवेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23% की वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि दुबई का रियल एस्टेट अभी भी वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।
आगे का मार्ग
भविष्य में, यदि भू‑राजनीतिक तनाव घटता रहता है और निवेशकों का भरोसा पुनः स्थापित होता है, तो दुबई का आवासीय बाजार पुनः तेज़ी से बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घ‑कालिक जनसंख्या वृद्धि, पर्यटन और व्यापारिक केंद्र के रूप में दुबई की रणनीतिक स्थिति इस बाजार को स्थायी समर्थन देगी।