भारत और इज़राइल ने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के दूसरे दौर की बातचीत सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
मुख्य बातें
- भारत और इज़राइल के बीच FTA के दूसरे दौर की वार्ता 20-23 जुलाई तक चली।
- वार्ता में वस्तुओं, सेवाओं, बौद्धिक संपदा और सीमा शुल्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
- वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 3.93 बिलियन डॉलर रहा।
- लक्ष्य एक संतुलित, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता करना है।
नई दिल्ली: भारत और इज़राइल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत का दूसरा दौर इस सप्ताह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह वार्ता 20 से 23 जुलाई तक आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना और आर्थिक सहयोग को गहरा करना है।
इस दौर की चर्चाओं में तकनीकी विशेषज्ञों ने गहन सत्रों में भाग लिया। इन सत्रों में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' (मूल के नियम), स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय (SPS), तकनीकी व्यापार बाधाएं, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और व्यापार सुविधा जैसे जटिल विषयों को कवर किया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम देगा। भारत और इज़राइल के बीच पूरक आर्थिक हित हैं, विशेष रूप से कृषि-तकनीक, रक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में। एक सफल FTA दोनों देशों के लिए नए बाजार खोल देगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उनकी स्थिति को मजबूत करेगा।
यह समझौता भारत और इज़राइल के बीच केवल व्यापारिक लेन-देन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक गठबंधन की नींव है।
दोनों देशों ने एक संतुलित और व्यापक समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में काफी संभावनाएं हैं, जैसा कि 2025-26 के आंकड़ों से पता चलता है जहाँ द्विपक्षीय व्यापार 3.93 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और इज़राइल के संबंध दशकों पुराने हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक और रक्षा संबंधों में अभूतपूर्व तेजी आई है। मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में उठाए गए ये कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक निर्भरता को बढ़ाने के दीर्घकालिक विजन का हिस्सा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. FTA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को हटाना और वस्तुओं एवं सेवाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाना है।
2. वर्तमान व्यापारिक स्थिति क्या है?
वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच माल का कुल व्यापार 3.93 बिलियन डॉलर रहा है।