IIT दिल्ली की नीतू यादव और कीर्ति जांगड़ा ने कॉर्पोरेट नौकरियां छोड़कर पशु तकनीक (Animal Tech) के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। उनका स्टार्टअप आज 565 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन तक पहुंच चुका है।

मुख्य बातें

  • IIT दिल्ली की दो सहेलियों ने शुरू किया एनिमल टेक्नोलॉजी स्टार्टअप।
  • कंपनी की वर्तमान वैल्यूएशन लगभग 565 करोड़ रुपये है।
  • स्टार्टअप का उद्देश्य डेयरी किसानों को बिचौलियों से मुक्त करना है।
  • 2019 में एक छोटे प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी शुरुआत।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से स्नातक करने के बाद, अधिकांश छात्र बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ऊंचे वेतन वाली नौकरियों का सपना देखते हैं। लेकिन IIT दिल्ली की पूर्व छात्राओं, नीतू यादव और कीर्ति जांगड़ा ने लीक से हटकर सोचने का फैसला किया। उन्होंने पारंपरिक डेयरी क्षेत्र की समस्याओं को पहचाना और तकनीक के माध्यम से उन्हें हल करने का बीड़ा उठाया।

दोनों ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों जैसे टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग में काम किया। हालांकि, उनके मन में कुछ ऐसा करने की तीव्र इच्छा थी जो समाज में वास्तविक बदलाव ला सके। उन्होंने गौर किया कि जहां आज लगभग हर चीज ऑनलाइन उपलब्ध है, वहीं पशुओं (गाय-भैंस) की खरीद-बिक्री आज भी पुराने और असुविधाजनक तरीकों से होती है, जिसमें किसान बिचौलियों के शोषण का शिकार होते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत जैसे कृषि प्रधान देश में डिजिटल अंतराल (Digital Gap) को भरना सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती है। नीतू और कीर्ति ने किसी जटिल नई तकनीक के बजाय मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ग्रामीण बाजार को संगठित किया। यह दर्शाता है कि नवाचार केवल नई मशीनें बनाना नहीं, बल्कि मौजूदा समस्याओं का सरल समाधान ढूंढना भी है।

तकनीक का असली उद्देश्य तब सफल होता है जब वह समाज के सबसे निचले स्तर पर काम करने वाले व्यक्ति के जीवन को आसान बनाए।

साल 2019 में एक छोटे से 'वीकेंड प्रोजेक्ट' के रूप में शुरू हुआ यह सफर आज एक विशाल साम्राज्य बन चुका है। शुरुआत में ग्रामीण इलाकों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा जीतना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज लाखों किसान और खरीदार इस मंच से जुड़े हुए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में डेयरी क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है, लेकिन असंगठित बाजार और बिचौलियों के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इस स्टार्टअप ने इस 'गैप' को भरकर पशुओं के व्यापार को पारदर्शी बनाया है।

क्या आप जानते हैं?: भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, फिर भी डेयरी क्षेत्र में डिजिटल पैठ अभी भी शुरुआती दौर में है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह स्टार्टअप क्या काम करता है?
उत्तर: यह एक एनिमल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है जो किसानों को पशुओं की सुरक्षित खरीद-बिक्री के लिए डिजिटल बाजार प्रदान करता है।

प्रश्न 2: इस कंपनी की शुरुआत कब हुई थी?
उत्तर: इस स्टार्टअप की नींव साल 2019 में रखी गई थी।