दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के परिसमापन (liquidation) की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पूर्व एसबीआई मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को नियुक्त किया है। आरबीआई द्वारा लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।
मुख्य बातें
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने गिरिकुमार एम. नायर को आधिकारिक परिसमापक नियुक्त किया है।
- आरबीआई ने तीन महीने पहले पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
- परिसमापक के पास बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत पूर्ण शक्तियां होंगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए, पूर्व भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) गिरिकुमार एम. नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के परिसमापक (Liquidator) के रूप में नियुक्त किया है। यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद आया है।
आरबीआई द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार, आधिकारिक परिसमापक के पास बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित सभी शक्तियां होंगी। इसका उद्देश्य बैंक की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करना और लेनदारों एवं जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में नियामक सख्ती के एक नए युग का संकेत है। आरबीआई का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि जमाकर्ताओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पेटीएम जैसे बड़े फिनटेक खिलाड़ी का इस तरह से बंद होना पूरे डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक चेतावनी है।
नियामक अनुपालन में विफलता किसी भी वित्तीय संस्थान के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
गौरतलब है कि 24 अप्रैल, 2026 को आरबीआई ने पीपीबीएल का लाइसेंस रद्द करते हुए नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगा दी थी। नियामक ने पाया कि बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल था और वह बैंकिंग विनियमन अधिनियम की धारा 22 (3) (b) का पालन करने में विफल रहा था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पिछले कुछ समय से नियामक जांच के घेरे में रहा है। केवाईसी (KYC) संबंधी खामियों और अनुपालन संबंधी मुद्दों के कारण आरबीआई ने लगातार सख्त कदम उठाए, जिसका परिणाम अंततः बैंक के लाइसेंस रद्द होने और अब इसके परिसमापन की प्रक्रिया के रूप में सामने आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या पेटीएम के ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है?
आरबीआई ने विशेष रूप से जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया है, ताकि संपत्तियों के माध्यम से वसूली की जा सके।
2. परिसमापक के पास क्या शक्तियां हैं?
परिसमापक के पास बैंक के बोर्ड की सभी शक्तियां होंगी और वह बैंक के कामकाज को नियंत्रित करेगा।