एक नौकरी धोखाधड़ी के प्रमुख आरोपी राजन रंजन मिश्रा को उनके ही बंधकों ने अपहरण कर डाला, लेकिन दिल्ली पुलिस ने मथुरा में उनके बचाव में सफलता पाई। सात आरोपी गिरफ्तार, इस घोटाले में करोड़ों की रकम शामिल थी।
मुख्य बिंदु
- राजन रंजन मिश्रा को बंधक बनाकर अपहरण किया गया
- दिल्ली पुलिस ने मथुरा में सफलतापूर्वक बचाव किया
- सात आरोपी गिरफ्तार, कुल रक़म लगभग 1.2 करोड़ रुपये
घटना का क्रम
30 वर्षीय राजन रंजन मिश्रा, जो दिल्ली के बुरारी में रहने वाले एक थोक व्यापारी हैं, 24 जुलाई को अल्लाहाबाद हाई कोर्ट से नौकरी धोखाधड़ी मामले में उपस्थित होने के बाद अपहरण कर ले गए। उनका दावा था कि बंधकों ने 1.2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।
उनकी पत्नी अर्चना, एक एचआर प्रोफेशनल, को फोन आया और उन्हें ड्राइवयू ऐप से एक ड्राइवर साक्षात्कार कराकर, 80,000 रुपये की नकद को दुर्गा बोधि, द्वारका में छोड़ने का निर्देश दिया गया। लेकिन राजन को रिहा नहीं किया गया और फिरौती के कई कॉल आए।
पड़ताल और बचाव
बुरारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद, जांच ने पता लगाया कि बंधकों में वही लोग शामिल थे, जिन्होंने पहले राजन पर लाखों रुपये की नौकरी धोखा का आरोप लगाया था। मथुरा पुलिस ने 2025 में इस मामले को दर्ज किया था, जहाँ कई ग्रामीणों ने राजन को सरकारी नौकरी के बदले 22 लाख से 60 लाख रुपये तक दिए थे।
ड्राइवयू ऐप के ड्राइवर सार्थक के सहयोग से पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के माध्यम से राजन को मथुरा के रेडा रानी सोसायटी के पास स्थित एक पीजी में बचाया। सात पुरुषों—मलीक, गजराज, विनोद, रोहन, केशवन, पी. अरुण और गुनासेकर—को गिरफ्तार किया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such scams exploit vulnerable job‑seekers across states, and the turn‑about into kidnapping underscores the escalating violence in fraudulent networks.
"जैसे-जैसे धोखाधड़ी के शिकार बढ़ते हैं, अपराधियों की प्रतिक्रिया भी अधिक हिंसक होती जा रही है," कहा हैcriminology विशेषज्ञ डॉ. रवीन गुप्ता।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या राजन को अभी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
उत्तर: हाँ, उन्हें नौकरी धोखाधड़ी और अपहरण दोनों के मामलों में न्यायालय में पेश किया जाएगा।
प्रश्न 2: इस तरह के स्कैम से बचने के लिए नागरिक क्या कर सकते हैं?
उत्तर: सरकारी नौकरी की पेशकश वाली किसी भी कॉल या संदेश की आधिकारिक जाँच करें और बिना पुष्टि के पैसे न भेजें।