एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अनंतपुरम में एंडोमेंट विभाग के सहायक आयुक्त जी. मल्लिकार्जुन प्रसाद को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत मंदिर निर्माण के लिए स्वीकृत फंड जारी करने के बदले मांगी गई थी।
मुख्य बातें
- अनंतपुरम के जिला एंडोमेंट कार्यालय के सहायक आयुक्त को ACB ने पकड़ा।
- रिश्वत की राशि ₹25,000 थी, जो ₹2 लाख के चेक जारी करने के बदले मांगी गई थी।
- आरोपी 1984 से सरकारी सेवा में कार्यरत था।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को एंडोमेंट विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान जी. मल्लिकार्जुन प्रसाद के रूप में हुई है, जो जिला एंडोमेंट कार्यालय में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात थे।
ACB द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रसाद ने चेरलपल्ली गांव में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के निर्माण के लिए TTD के श्रीवाणी ट्रस्ट द्वारा स्वीकृत ₹2 लाख के चेक को जारी करने के बदले में ₹25,000 की रिश्वत मांगी थी। जैसे ही उन्होंने शिकायतकर्ता से राशि स्वीकार की, ACB की टीम ने उन्हें जाल बिछाकर धर दबोचा।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि धार्मिक संस्थानों और ट्रस्टों से जुड़े फंड में भ्रष्टाचार न केवल सरकारी राजस्व की हानि है, बल्कि यह सार्वजनिक विश्वास को भी गंभीर रूप से चोट पहुँचाता है। मंदिर निर्माण जैसे पवित्र कार्यों के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति ही सरकारी तंत्र में जनता का भरोसा बहाल कर सकती है।
आरोपी का करियर ग्राफ भी काफी लंबा रहा है। श्री प्रसाद ने 1984 में अनुकंपा के आधार पर एक अटेंडेंट के रूप में सरकारी सेवा में प्रवेश किया था। धीरे-धीरे पदोन्नति पाते हुए वे जूनियर असिस्टेंट, सीनियर असिस्टेंट और सुपरिटेंडेंट से होते हुए 2009 में सहायक आयुक्त के पद तक पहुंचे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एंडोमेंट विभाग का मुख्य कार्य मंदिरों के प्रबंधन और उनके वित्तीय मामलों की देखरेख करना है। पिछले कुछ वर्षों में, विभिन्न राज्यों में ट्रस्टों के फंड के दुरुपयोग को लेकर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं, जिससे प्रशासन पर सख्त निगरानी का दबाव बढ़ गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: आरोपी ने रिश्वत क्यों मांगी थी?
उत्तर: आरोपी ने मंदिर निर्माण के लिए स्वीकृत ₹2 लाख के चेक जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी।
प्रश्न 2: आरोपी के खिलाफ अब क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: आरोपी को ACB विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।